औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई हत्या की दो घटनाओं व अजीतमल में हुई बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले पुलिस फाइल में दबकर रह गए हैं। इन मामलों में साढ़े तीन माह बीत चुका है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक हत्यारोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। जिससे न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।
अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में 26 अक्तूबर को एक गांव के खेत से पुलिस ने 12 वर्षीय किशोरी का शव बरामद किया था। इसमें मृतका के साथ दुष्कर्म किए जाने की भी बात सामने आई थी। लेकिन लगभग साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस न तो हत्यारोपी को पकड़ पाई है और न ही उसका सुराग लगा सकी है।
यही हाल सदर कोतवाली क्षेत्र के इंडियन ऑयल क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित एक लॉज से सटी दुकान में 5 नवंबर को फोटोग्राफर विनय की हत्या कर दी गई थी इसमें नामजद आरोपी जालौन जिले के गांव गोहन निवासी अरविंद गुप्ता का आज तक पुलिस सुराग भी नहीं लगा सकी है। वहीं, 13 नवंबर की रात क्योंटरा गांव निवासी गोविंद बाबू दोहरे की सात वर्षीय पुत्री आरुषि का पुलिस ने कानपुर देहात क्षेत्र के गांव शिवरा के जंगल से शव बरामद किया था। इस मामले में एसडीएम सदर रमेश यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें जमीन का पट्टा के अलावा आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक उनका आश्वासन हवाई साबित हुआ है। जिससे पीड़ित परिजनों में आक्रोश है। इस प्रकरण में भी कोतवाली पुलिस आज तक हत्यारोपी को पकड़ना तो दूर, सुराग भी नहीं लगा सकी है। जिले में हुईं इन वीभत्स घटनाओं में अभी तक खुलासा न होने से न्याय की आस में बैठे परिजनों में जहां निराशा बनी हुई है। तो वहीं पुलिस की निष्क्रियता पर आक्रोश भी व्याप्त है।
अपर पुलिस अधीक्षक शिष्य पाल ने बताया कि यह तीनों घटनाएं मेरे जिले में तैनाती से पहले की हैं। इन तीनों घटनाओं की फाइल मंगवा कर उनकी पूरी जानकारी करता हूं। जल्द ही तीनों घटनाओं का खुलासा कराए जाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे।