औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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जनपद में सीसीटीएनएस योजना के तहत सभी थानों को आनलाइन किए जाने में इंटरनेट की दिक्कत आ रही है। कई थाने ऐसे हैं जहां पर इंटरनेट सेवाएं न होने से कम्प्यूटर सिस्टम शोपीस बने हैं। जबकि शासन की ओर से सभी थानाें को आनलाइन किए जाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट भेजा जा चुका है।
शासन ने साल 2014 में जिले के सभी थानों को आनलाइन किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत जिले में क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम योजना के तहत सभी थानों को आनलाइन किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई थी। पांच करोड़ रुपये के बजट से जिले में सभी थानाें को कम्प्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराए जा चुके हैं। लेकिन दो साल में पूरे जिले के थाने ऑनलाइन नहीं हो पाए हैं। दो-तीन थानों को छोड़ दिया जाए तो शेष थानों में आनलाइन फीडिंग सिस्टम अभी नहीं शुरू हो सका है। जिले के अयाना, सहायल, बेला, एरवाकटरा, फफूंद थानों में इंटरनेट और सर्वर की दिक्कत आए दिन बनी रहती है। इससे थानों में रखे कम्प्यूटर सिस्टम धूल फांक रहे हैं। साथ ही जनता को योजना के अनुरूप सुविधाएं मिलने में परेशानी हो रही है।
जनता को होगा यह लाभ
क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम के तहत लोग घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से किसी भी शिकायत को दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा लोगों को घटनाओं, याचिकाओं और दर्ज एफआईआर की ट्रैकिंग सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। वहीं पुलिस से संबंधित विभिन्न फार्मों और विभागीय जानकारी इसके माध्यम से मिल सकेगी।
पुलिस को होगें यह लाभ
सीसीटीएनएस योजना के तहत सामान्य प्रकृति के अपराधों का विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ेगी। इसी के साथ दुघर्टनाओं और अन्य घटनाओं के विश्लेषण के बारे सरलता होगी। तत्काल अभिलेखों व प्रतिवेदनों को आसानी से तैयार करने में सहूलियत मिलेगी। थानों के रजिस्टर और अभिलेखों को सहेजकर रखने से भी छुटकारा मिल जाएगा।
जिले के चार-पांच थानों में सीसीटीएनएस योजना की शुरूआत हो गई है। शेष थानों में इंटरनेट की गड़बड़ी आ रही है। इंटरनेट को दुरुस्त कराए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही समस्या का निस्तारण हो जाएगा।
अतुल शर्मा, एसपी