औरैया/अयाना। कस्बा अयाना निवासी जीतू पुत्र लालमन की बुधवार की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के सूचना देने के बाद भी पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई करने नहीं पहुंची। परिजनों के हो-हल्ला मचाने पर 14 घंटे बाद पुलिस ने पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, इस बारे में सीओ सिटी का कहना है कि मामले की जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई होगी।
जीतू की बुधवार की शाम लगभग सात बजे अचानक तबियत बिगड़ गई। इस पर परिजन उसे लेकर सीएचसी अयाना पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे देखा तक नहीं और 50 शय्या जिला अस्पताल औरैया के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर एंबुलेंस से रात लगभग 9 बजे औरैया अस्पताल पहुंचे। वहां जहांडॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
पिता लालमन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से रात में ही कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी गई, लेकिन गुरुवार सुबह 10:30 बजे तक पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने पुलिस नहीं पहुंची। इस पर परिजनों ने सपा के जिला उपाध्यक्ष अवधेश भदौरिया से मदद की गुहार लगाई तो वह अस्पताल पहुंचे। अवधेश भदौरिया ने उनके साथ सीएमएस डॉ.लाखन सिंह से मुलाकात कर शव को घर ले जाने की अनुमति देने को कहा। इस पर सीएमएस ने मामला पुलिस का होने के कारण कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों के हल्ला मचाने की जानकारी होने पर अयाना थाने की पुलिस जिला अस्पताल औरैया पहुंची। लगभग 14 घंटे बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक के पिता लालमन ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके पुत्र की मौत की सूचना मिलने के बाद भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को पूरी लापरवाही बरती गई। जिस कारण से 14 घंटे तक उनके पुत्र का शव अस्पताल में लावारिस की तरह से पड़ा रहा। पिता लालमन ने बताया कि उनके पुत्र को सुबह ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई थी। जिस पर आराम मिल गया था। लेकिन शाम को फिर दिक्कत होने पर सीएचसी अस्पताल ले गए थे। लेकिन वहां डॉक्टर ने कोई इलाज नहीं किया।
उधर, सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव का इस बाबत कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जब अस्पताल प्रशासन की ओर से कोतवाली पुलिस को मेमो भेजकर रात में ही सूचना दे दी गई थी, तब पुलिस को पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई करनी चाहिए। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।