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घटना के तीसरे दिन बाद भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई पुलिस

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दिबियापुर (औरैया)। शुक्रवार को गांव कन्हों के पास बीमा एजेंट मनोज दुबे के शव मिलने के मामले में अभी तक पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। पुलिस गुत्थी सुलझाने के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस इस तलाश में जुटी है कि आखिरकार गायब होने के चार दिनों तक मनोज दुबे कहां रहे।
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सोमवार को बाइक के साथ गायब हुए दिबियापुर के कैलाश बाग निवासी बीमा अभिकर्ता मनोज दुबे का शव शुक्रवार को क्षत विक्षत अवस्था में रेल ट्रैक पर मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हत्यारोपी को ढूंढने एवं परिवार को आर्थिक सहायता के साथ मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग करते हुए काफी हंगामा किया था।
इस संबंध में दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल विश्वकर्मा का कहना है कि पुलिस टीमें लोगों से पूछताछ कर रही हैं। मंदिर एवं धर्मशालाओं में भी जाकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान घटना वाले दिन के सुबह ही केंजरी गांव में लगे सीसीटीवी के फुटेज मिले हैं। वहां भी मनोज अकेले ही बाइक से जाते दिखाई दिए हैं।
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उधर, रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह एवं कांग्रेस नेताओं ने मृतक मनोज दुबे के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। सभी ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने मनोज के घर पहुंचकर पिता को सांत्वना दी। आगरा खंड स्नातक क्षेत्र के कांग्रेसी नेता सतीश द्विवेदी ने भी उनके घर पहुंचकर सांत्वना दी। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद दिए जाने एवं आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। मनमोहन सिंह सेंगर, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आशुतोष दुबे, रानू दुबे, नरेश कठेरिया आदि मौजूद रहे।
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