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प्रधानी चुनाव की रंजिश में घटना किए जाने की पत्नी ने जताई आशंका

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औरैया। लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर अमित दुबे के अपहरण के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। अमित दुबे की पत्नी मांडवी दुबे ने गांव के एक व्यक्ति पर प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर अनहोनी करने की आशंका जताई है। अमित के ससुर अशोक तिवारी भी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। साथ ही परिजनों ने तीन बाद भी कुछ पता न चलने पर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठाया है। कहा कि अनंतराम टोल प्लाजा से निकलने के बाद औरैया के बीच अमित का अपहरण किया गया है। दिबियापुर रोड पर गाड़ी को साजिश के तहत खड़ी की गई है।
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कानपुर देहात जिले के लक्ष्मणपुर मिलकपुर के मूल निवासी अमित दुबे लखनऊ में पिछले दस सालों से रहकर प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं। रविवार की सुबह लगभग सात बजे उनकी कार दिबियापुर रोड पर लावारिस हालत में मिली थी। रविवार को ही देर रात प्रॉपर्टी डीलर अमित दुबे के पिता कमलेश दुबे की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था।
मंगलवार रात तक अमित दुबे का कोई पता नहीं चल सका है। इस मामले में अमित की पत्नी मांडवी ने फोन पर बताया कि पिछले साल उनके पति अमित दुबे अपने गांव लक्ष्मणपुर पिलक थाना मंगलपुर कानपुर देहात में प्रधानी का चुनाव लड़े थे। हालांकि कुछ लोगों की अंदरुनी साजिश के चलते वह हार गए थे। उनके प्रधानी चुनाव लड़ने को लेकर गांव निवासी एक व्यक्ति उनसे रंजिश मानता था। आशंका है कि कहीं उसी ने ही उनके पति के साथ कोई अनहोनी न की हो।
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अमित दुबे के ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक तिवारी का कहना है कि रविवार की रात 9 बजे अमित की कार टूंडला टोल से गुजरी, इसके बाद 10:30 बजे कठखोरी से निकली हुई है। कठखोरी के बाद से दूसरे रास्ते से औरैया के लिए निकले। अनंतराम टोल पर रात 12:07 बजे उनकी कार सीसीटीवी में फुटेज में दिखाई दे रही है। इस दौरान उनकी अमित से बात हुई है, जिसमें रात 1:15 बजे जब अमित ने शिकोहाबाद में होने की बात कही थी। जिस समय अमित फोन पर बात कर रहे थे, तो ऐसा लग रहा था कि कोई अमित को टार्चर करके यह कहला रहा है लेकिन यह भी लग रहा था कि यह औरैया आ चुके हैं। इसके बाद रात में फिर फोन लगाया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। उन्होंने बताया कि वहीं जब वह लखनऊ से मथुरा के लिए चले थे तो उनकी कार को सुबह 10:45 बजे बेला टोल पर सीसीटीवी में फुटेज मिले हैं।
अशोक तिवारी का कहना है कि रात में जब अमित ने अपने को शिकोहाबाद में होने की बात बताई और उसके थोड़ी देर बाद फोन बंद हो गया तो उन्हें कुछ शंका हुई। इस पर उन्होंने तुरंत एक गाड़ी से उन्हें देखने के लिए परिजनों को शिकोहाबाद भेजा। जहां शिकोहाबाद पहुंचने पर उनको जानकारी मिली की एक गाड़ी औरैया में लावारिस मिली है। इसके बाद वह औरैया पहुंचे।
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