औरैया। ककोर में बंबा की पुलिया के पास मंगलवार को सुबह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राजेश चौधरी व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रामनेत पर हमले के मामले में चार दिन बीत गए, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। यही नहीं जांच के लिए लखनऊ भेजे गए कार के टूटे शीशे की रिपोर्ट भी शुक्रवार की शाम तक नहीं आ सकी थी।
दोनों एडीजे मंगलवार की सुबह दिबियापुर गेल स्थित आवास से कचहरी जा रहे थे। ककोर में बंबा की पुलिया के पास पहुंचते ही कार पर हमला हो गया था। इसमें कार का शीशा जोर की आवाज के साथ टूट गया था। घटना के अगले दिन बुधवार को लखनऊ से आई बैलेस्टिक टीम ने सीन रिक्रिएट किया। चालक को कार समेत मौके पर ले जाकर साक्ष्य जुटाए। गुरुवार को कार के टूटे शीशे को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया।
इतनी कवायद के बाद भी दो न्यायिक अधिकारियों पर हमले के मामले में पुलिस को शुक्रवार की रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
इस संबंध में सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ ने बताया कि एडीजे की कार पर हुए हमले में अभी जांच गुरुवार देर शाम तक जो भी वहीं पर है।
उधर, एसपी सुनीति ने बताया कि घटना वाले दिन उस क्षेत्र में जो भी मोबाइल संचालित थे। उनकी सर्विलांस से डिटेल खंगाली गई, लेकिन उसमें भी कुछ हाथ नहीं आया है। वहीं लखनऊ जांच के लिए भेजे गए शीशे के सैंपल की अभी कोई जांच रिपोर्ट नहीं आई है।