औरैया/अजीतमल। लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप होने से बाहर से पलायन कर आ रहे लोग तमाम कवायद के बाद भी रूक नहीं रहे हैं। दूसरे प्रांतों व शहरों से बड़ी संख्या में लोग जिले में आए, लेकिन दो क्वारंटीन सेंटरों पर 210 लोग ही मिले। शहर के एक क्वारंटीन सेंटर पर बिहार के नौ लोग रखे गए हैं। वहीं, अजीतमल में बने दो सेंटरों में 256 लोग रखे गए थे, बुधवार की रात से गुरुवार की सुबह तक 95 भाग निकले। वहीं, डीएम और एसपी ने क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा।
गुुरुवार को बाहर से आने वालों की संख्या कम रही। 50 शय्या जिला अस्पताल में 84 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इन्हें क्वारंटीन सेंटर पर रोकने के बजाए डॉक्टरों ने घर में ही रहने के निर्देश दिए हैं। औरैया शहर स्थित पांडेय गेस्ट हाउस में बने क्वारंटीन सेंटर में नौ लोग क्वारंटीन किए गए हैं। यहां मौजूद वरुण कुमार निवासी छपरा बिहार ने बताया कि वह सभी राजस्थान स्थित बाड़मेर स्थित गैस प्लांट में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते छुट्टी के बाद से वह पैदल ही अपने घर के लिए निकले। रास्ते में कोई ट्रक आदि वाहन मिले तो उनकी मदद ली। औरैया तक ज्यादातर सफर पैदल ही तय किया। यहां उन्हें 14 अप्रैल तक रहना है।
मालूम हो कि शहर में तीन सेंटर बने हैं, जिनमें दो खाली पड़े हैं। एक सेंटर पर 71, अजीतमल में बने दो सेंटरों में 256 लोग रखे गए थे, जिसमें 95 भाग निकले। अब इन दो सेंटरों पर 139 क्वारंटीन हैं। बिधूना के दो सेंटर खाली हैं। जिले में बने तीन सेंटरों पर 210 क्वारंटीन है। उधर, 50 शय्या जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.लाखन सिंह ने बताया कि अस्पताल आने वाले 84 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। उन्हें घर में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, डीएम अभिषेक सिंह और एसपी सुनीति ने क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण किया। वहां मौजूद क्वारंटीन और उन्हें दिए जाने वाले भोजन की जानकारी की। सेंटरों पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वहां रुकने वाले किसी भी क्वारंटीन को परेशान न किया जाए। उन्हें समय से नाश्ता व भोजन दिया जाए।