दिबियापुर (औरैया)। हरियाणा में सप्ताह भर पहले आग से झुलसे कस्बा रामगढ़ निवासी पति-पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वहां मौजूद सभी की आंखें भर आईं।
रामगढ़ कस्बा निवासी मुकेश कुमार (42) पुत्र मेवाराम पांच साल पहले पत्नी पिंकी के साथ हरियाणा में रंगाई-पुताई का काम करने चला गया था। उनके साथ उनका 15 वर्षीय बड़ा बेटा अर्जुन कुमार भी रहता था। बाकी तीन बच्चे नेहा कुमारी, विष्णु कुमार, शिवा कुमार रामगढ़ में ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे। मुकेश कुमार हरियाणा के फरीदाबाद वल्लभगढ़ में रहकर बिल्डिंगों में रंगाई-पुताई का काम करता था।
अर्जुन के अनुसार 17 जनवरी की शाम उनकी मां पिंकी खाना बना रहीं थीं। इस दौरान अचानक गैस सिलिंडर में लीकेज के चलते आग लग गई। पास में रंगाई में प्रयुक्त होने वाला थिनर रखा था। इसके चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मां पिंकी आग की लपटों में घिर गई। मुकेश कुमार पत्नी पिंकी को आग से बचाने में गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोगों ने पति-पत्नी को शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। 22 जनवरी की शाम को पिंकी ने दम तोड़ दिया। 23 जनवरी को मुकेश की भी मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शुक्रवार को जब दोनों शव एक साथ गांव पहुंचे तो गांव में कोहराम मच गया। बाद में गमगीन माहौल में एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मृत दंपति के चार बच्चे छोटे हैं। दंपति की मृत्यु के बाद चारों बच्चों के अनाथ हो जाने के कारण कस्बा वासी खासे परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने शासन से मदद दिलाए जाने की मांग की है। कस्बा के लोगों के अनुसार मृतक के पास जमीन नहीं थी। इसी के चलते परिवार का भरण पोषण करने के लिए पति-पत्नी हरियाणा में रहते थे। उनके साथ बड़ा बेटा अर्जुन रहता था। जबकि अन्य तीनों बच्चे गांव में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहकर श्री सुंदर सिंह इंटर कालेज में पढ़ते हैं।