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फुटवियर की दुकान में लगी आग

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फोटो13एयूआरपी 22- घटना ,े बाद मौके पर जमा लोगों की भीड़ - फोटो : AURAIYA
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औरैया। मोहल्ला हलवाई खाना स्थित एक फुटवियर की दुकान में सोमवार को तड़के आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही शहर के फायर स्टेशन व एनटीपीसी की फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से दुकान में रखा तकरीबन 20 लाख रुपये की कीमत का माल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है। दुकान मालिक की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उधर, लेखपाल ने पीड़ित की दुकान पर पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। वहीं, इस मामले में फुटवियर एसोसिएशन के लोगों ने घटना के बाद भी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर आक्रोश जताया। साथ ही अपनी फुटवियर की दुकानें बंद कर विरोध जताया।
मोहल्ला हलवाई खाना में अनिल विश्नोई की श्याम फुटवियर के नाम से दुकान है। सोमवार को तड़के तकरीबन तीन बजे दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया। इस बीच आग पड़ोस के घरों की ओर बढ़ने लगी, इससे हड़कंप मच गया। घरों में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने फायर स्टेशन औरैया और एनटीपीसी दिबियापुर को तत्काल फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजने के निर्देश दिए।
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शहर के फायर स्टेशन से पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार पानी खत्म हो जाने के चलते आग बुझाने में दिक्कत हुई। इस बीच एनटीपीसी दिबियापुर से आए फायर कर्मियों ने आग बुझाना शुरू किया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ित दुकान मालिक अनिल विश्नोई की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, दुकान मालिक अनिल विश्नोई के पुत्र अंकुर ने बताया कि उसकी बहन की शादी 12 फरवरी को होनी है। आग में सब तबाह हो गया। अब उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह कैसे बहन की शादी कर पाएगा।
फुटवियर की दुकान में आग लगने की घटना को लेकर व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेई ने फायर स्टेशन औरैया की खराब स्थिति को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशन पर पर्याप्त गाड़ियां न होने से बार-बार पानी खत्म होने के कारण आग पर समय से काबू नहीं पाया जा सका। यदि गाड़ियों में पानी की पर्याप्त क्षमता होती तो एनटीपीसी की गाड़ियों का इंतजार न करना पड़ता और समय से आग बुझ जाती।
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