औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवकुमार ने थाना अछल्दा क्षेत्र के ग्राम तेहराजपुर में दहेज को लेकर नवविवाहिता की जहर देकर हत्या करने के आरोपी पति को दस वर्ष तथा सास-ससुर को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम भौतापुर थाना अयाना निवासी वादी रिषीकांत पुत्र वृंदावन ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट लिखाई कि उसने अपनी बहन रजनीश प्रभा की शादी शिवराज सिंह के साथ 20 मई 2013 को की थी। दोनों से एक पुत्र का जन्म हुआ। आरोप है कि रजनीश के ससुरालीजन दहेज में मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे। मना करने पर बहन को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। वादी ने लिखा कि 23/24 फरवरी 2016 की रात 9 बजे पति, सास व ससुर ने जबरन जहर पिलाकर रजनीश प्रभा की हत्या कर दी। कोर्ट के आदेश के बाद लिखे गए मुकदमे की विवेचना के बाद पति शिवराज, ससुर विजय नरायन एवं सास मुन्नीदेवी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या के मामले की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत हुई। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेशचंद्र मिश्रा ने दहेज हत्या के आरोपितों को कड़ी सजा देने की बहस की। बचाव पक्ष ने सभी को निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने तीनों आरोपियों को दोषी माना तथा पति शिवराज पुत्र विजयनरायन को दस वर्ष के कठोर कारावास व सात हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया। वहीं ससुर विजयनरायन पुत्र मौजीलाल तथा सास मुन्नीदेवी पत्नी विजयनरायन को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास एवं 7-7 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को उपरोक्त सजा में समायोजित किया जाएगा। तीनों सजा पाए दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।