अजीतमल (औरैया)। इटावा में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक ने अपने दोस्त को बुलाया और उसे कमरे में बंधक बना लिया। युवक किसी तरह छत से कूदकर बस स्टैंड जा पहुंचा। वहां उसे अजीतमल की ऑटो में क्षेत्र की एक महिला मिल गई, जिसे उसने आपबीती सुनाई। तब महिला ने उसे अजीतमल कोतवाली में रुकाया और एसपी सुनीति की मौजूदगी में परिजनों को सौंप दिया।
सुल्तानपुर जनपद के गांव पसिया पारा का रहने वाला अमित यादव पुत्र अरविंद यादव लुधियाना (पंजाब) में कपड़े बनाने का काम करता था। एक दिन उसे सुल्तानपुर निवासी दोस्त ने फोन करके कहा कि इटावा आ जाओ और यहां नौकरी है। यहां काम भी कम है और तनख्वाह अच्छी है। पास भी पड़ेगा। अच्छा न लगे तो वापस चले जाना। इस पर अमित इटावा आ गया। ट्रेनिंग के नाम पर 12 हजार रुपये ले लिए। जब अमित ने उनसे मन न लगने की बात कही तो अमित का आरोप है कि उसके दोस्त ने उसकी कमरे में बंद करके मारपीट की। घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
मंगलवार दोपहर 2:30 बजे अमित टॉयलेट करने के बहाने छत पर गया। और छत से कूदकर सीधा बस स्टैंड पहुंचा। वहां से औरैया जाने वाली ऑटो में बैठ गया। ऑटो में बिरुहनी निवासी सरिता पत्नी उत्तम शुक्ला बैठकर घर आ रही थीं। अमित के पैर में चप्पल न देख उन्होंने कारण पूछा तो उसने आपबीती सुनाई। सरिता ने फोन से औरैया एसपी सुनीति को पूरी जानकारी दी।
एसपी ने युवक को अजीतमल कोतवाली छोड़ने की बात कही। सरिता ने युवक को कोतवाली छोड़ उसके परिजनों को बताया। बुधवार को सुबह अमित के परिजन कोतवाली पहुंचे। एसपी की मौजूदगी में उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। युवक ने बताया कि इटावा में लोगों ने 10-15 युवको को बंधक बना रखा है, उनकी मारपीट भी होती है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।