औरैया। निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत कुपोषित बच्चों के परिवार वाले मुफ्त में गाय लेने को तैयार नहीं हैं। जिले में इस योजना के तहत छह कुपोषित बच्चों के परिवारों को गाय दी गई थी, उनमें तीन ने गोवंश लौटा दिए हैं।
मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत कोई भी व्यक्ति निराश्रित गाय ले सकता है। सितंबर 2020 में शासन ने इस योजना का लाभ कुपोषित परिवारों को वरीयता के आधार पर देने का निर्णय लिया। सरकार का मानना था कि गाय के दूध से बच्चों का कुपोषण काफी हद तक दूर हो सकेगा, लेकिन जिले की स्थिति बेहद खराब है। इस योजना के तहत छह लोगों को योजना का लाभ देते हुए गाय दी गई हैं। उनमें तीन लोगों ने दाना-पानी का इंतजाम न कर पाने के कारण गाय लौटा दी हैं। ऐेसे में यह योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। दरअसल जिले में मौजूद अधिकांश गोशालाओं में जो गाय हैं, वे बेहद कम मात्रा में दूध दे रहीं हैं। इससे जिले में यह योजना सफल नहीं हो पा रही है।
जिले में अभी 42 गोशालाएं हैं। इन गोशालाओं में करीब 4821 गोवंश संरक्षित हैं। इन गोवंश में से ही गाय दी जा रही हैं। लेकिन, इन गोशालाओं में जो गाय पाली जा रही हैं। वह सब देसी नस्ल की हैं, जो दूध बेहद कम देती हैं, जबकि उन्हें पालने में काफी खर्च होता है।