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मां-बेटा की हत्या में पिता-पुत्र को उम्रकैद

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औरैया। फरवरी 2018 में जमीन के विवाद में मां-बेटा की हत्या के दोषी पिता-पुत्र को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दो सहअभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया।
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डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम अरियारी थाना सहायल निवासी राकेश तिवारी ने 26 फरवरी 2018 को थाना बेला में रिपोर्ट लिखाई कि छोटी बहन सुनीता शुक्ला की शादी पिपरौली शिव निवासी हरीओम से हुई थी। सुनीता कानपुर के अनवरगंज थाना में कांस्टेबिल पद पर तैनात थी। सुनीता के एक पुत्र अग्निवेश उर्फ रिक्की (23) था। वादी के बहनोई हरिओम शुक्ला के न रहने के कारण हरिओम के सगे भाई अवधेश पुत्र सधारी लाल तथा पुत्र गोलू उर्फ विवेक ने बहन सुनीता शुक्ला के हिस्से की जमीन हथियाकर अपने नाम करा ली। जिसका मुकदमा कोर्ट में चला और बहन के पक्ष में फैसला हुआ। आरोप है कि 26 फरवरी 2018 को साढ़े तीन बजे उसकी बहन सुनीता शुक्ला व लड़का अग्निवेश खेत में जुताई कर रहे थे। तभी मुल्जिमों ने तमंचे से सुनीता और पुत्र अग्निवेश की हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के आरोपी अवधेश शुक्ला, उसके पुत्र गोलू उर्फ विवेक, पत्नी सरिता देवी पत्नी अवधेश शुक्ला के अलावा सर्वेश यादव निवासी माखनपुर के विरुद्ध जनपद न्यायालय में मुकदमा चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व वरिष्ठ अधिवक्ता ह्रदय नारायण पांडेय तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने सरिता पत्नी अवधेश शुक्ला व सर्वेश यादव माखनपुर को दोषमुक्त करार दिया। हत्या के दोषी अवधेश शुक्ला व पुत्र विवेक उर्फ गोलू को उम्रकैद की सजा सुनाई और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया। दोनों पर आयुध अधिनियम में तीन-तीन वर्ष के कैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अधिरोपित अर्थदंड की राशि से 50 फीसदी राशि बतौर प्रतिकर मृतका के भाई व बहन के समभाग में देय होगी।
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