औरैया। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों को बचाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में थे। इसके बावजूद अप्रैल और मई में मृतकों की संख्या 120 रही। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 40 गंभीर मरीजों को रेमडेसिविर देकर बचाया गया।
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों के फेफड़ों में संक्रमण देखने को मिला। संक्रमित मरीजों को बचाने के लिए जिले के विभागीय अधिकारियों को शासन से कुल 730 रेमडेसिविर मुहैया कराए गए थे। लेकिन अप्रैल में संक्रमण से 36 तो मई में संक्रमण की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 84 रही।
दो महीनों में कुल 120 गंभीर कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु हुई। विभागीय अधिकारियों की मानें तो चिचौली स्थित एल-2 कोविड केयर सेंटर में भर्ती गंभीर मरीजों को जरूरत पर इंजेक्शन दिए गए। जिसमें कुल 40 मरीजों को को इंजेक्शन समय से मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि शेष रेमडेसिविर इंजेक्शन का तीसरी लहर में प्रयोग किया जाएगा। मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर वह और उनकी टीम गंभीर हैं। बताया कि दूसरी लहर में अधिकांश मरीजों की बाहर के अस्पतालों में मौत हुई है।