औरैया। रिहायसी इलाकों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा। जबकि मलिन बस्तियों में बेदम नजर आया। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तीन दिन जिले भर में मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए। सैंपलों की रिपोर्ट चौंकाने वाली रही। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के मुताबिक मलिन बस्तियों में कोरोना संक्रमण कम देखने को मिल रहा है।
नवंबर में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी, इनमें जान गंवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ। इसको लेकर प्रशासन के बड़े अफसरों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। उधर, शासन से निर्देश मिले थे कि 19 से 21 नवंबर तक जिले की मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर सैंपल लिए जाएं।
नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि तीन दिन औरैया, बिधूना, दिबियापुर, अछल्दा, सहार आदि 24 मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर 2524 लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें मात्र पांच सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमितों के परिजनों के सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। बताया कि 19 नवंबर को एंटीजन के 359 में एक संक्रमित, 534 आरटीपीसीआर के सैंपल में एक संक्रमित, 20 नवंबर को आरटीपीसीआर के 374 सैंपलों में दो, एंटीजन के 332 सैपलों में कोई नहीं और 21 नवंबर को एंटीजन के 402 सैंपलों में कोई नहीं और आरटीपीसीआर के 523 सैंपलों में एक संक्रमित मरीज मिला था। (संवाद)
डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि मलिन बस्तियों में संक्रमण की दर बहुत कम है। इसकी एक वजह लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होना है।
डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि मलिन बस्ती में रहने वाले सैंपल देने नहीं पहुंचे। इसके चलते यहां सैंपलिंग कराई गई। मलिन बस्तियों में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट से जाहिर है कि वहां तक कोरोना नहीं पहुंचा है।