औरैया। कोरोना आपदा के समय संक्रमितों के इलाज व देखभाल में जुटे फ्रंटलाइन वारियर्स को भी अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखना बहुत जरूरी है। इलाज में जुटे चिकित्सक, नर्स, आशा, एएनएम, लैब टेक्निशियन, एंबुलेंस के कर्मचारी इसके लिए काम के बीच में ब्रेक लें और भरपूर नींद लें। यह कहना है उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोरोना महामारी के नोडल अधिकारी डॉ शिशिर पुरी का।
उन्होंने बताया कि ड्यूटी के मुताबिक अपनी एक दिनचर्या अवश्य तय कर लें। जब भी वक्त मिले तो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन मिला लीजिये और कुछ समय के लिए कोरोना से इतर कुछ बातें कीजिए। ऐसा करने से तनाव की जद में आने से अपने को बचा सकते हैं ।पेशे से इतर जो भी शौक हैं, जैसे- संगीत सुनना या नृत्य करना, किताबें पढना, फिल्म देखना, बागवानी करना, खाना बनाना आदि तो कुछ वक्त इन गतिविधियों पर भी दे सकते हैं।
प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे व्यायाम अवश्य करें। ध्यान-प्राणायाम से सारे तनाव दूर हो सकते हैं। इसके अलावा खानपान पर भी ध्यान दें और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढाने वाले पदार्थों को भोजन में अवश्य शामिल करें। गुनगुना पानी, काढ़ा, हबज्ल टी और दूध में हल्दी मिलाकर पीना भी लाभकारी साबित हो सकता है ।
इन विषम परिस्थितियों में अगर काम को लेकर या कॅरियर को लेकर किसी भी तरह का दबाव महसूस कर रहें हैं तो अपने साथियों से खुलकर बात करिए और यकीन मानिए कोई न कोई हल अवश्य निकाल आएगा।