औरैया। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों और रोज कमाकर खाने वाले गरीब तबके को लोगों को सरकार की ओर से एक हजार रूपये की मदद दी जानी है। जिसके लिए गुरुवार को पालिका में आवेदन फार्म भरने वालों की भीड़ लग गई। लॉकडाउन के चौथे दिन जानकारी होते ही क्षेत्र के तमाम लोग पालिका पहुंच गए। यहां पर लोगों के बीच न तो पर्याप्त सीमा की दूरी दिख रही थी और न ही अन्य एहतियात दिखे। लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही थीं। दिन बढ़ने के साथ ही भीड़ बढ़ती गई। वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर फोटोकापी की बंद दुकानें भी खुल गईं। जहां से आवेदन फार्म की फोटोकापी कराकर कुछ लोगों के द्वारा बेची गईं।
सुबह के समय जब भीड़ निकली तब गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहीं रोका। दिन चढ़ने के हिसाब से लोग बढ़ते गए। वहीं कुछ लोगों ने आवेदन फार्मों की फोटोकापी कर उसे पांच से 10 रूपये में बेचा। हालत ये थी कि नगर पालिका गेट और पालिका परिसर में लोग खुलेआम फार्म बेचते दिख रहे थे।
पालिका ईओ/एसडीएम सदर विजेता ने बताया कि योजना के तहत आए आवेदनों की जांच के बाद ही लाभ दिया जाएगा। आवेदन करने वाले लोग अपने आप को श्रमिक बताकर आवेदन कर रहे हैं। बताया कि 10 रुपये में फार्म बेचने वालों की शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जब भीड़ लगने की जानकारी हुई तो मौके पर जाकर भीड़ को हटवाया था। पालिका गेट पर एक बाक्स रखवा दिया है, जिसमें लोग आएं और फार्म डालकर चले गए। कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों के बीच पर्याप्त दूरी का ध्यान रखा जाए। अब तक 800 आवेदन आ चुके हैं।
स्थानीय निकाय क्षेत्र में मजदूरी कर जीवन यापन करने वालों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें पटरी दुकानदार, रिक्शा चालक, ई-रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूरी, पल्लेदार, ठेली चालक के अलावा दैनिक व्यवसाय करने वाले हैं। इन लोगों को पालिका से एक निशुल्क फार्म लेकर भरकर जमा करना होगा। जिसमें आवेदक का नाम, पता, वार्ड का नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या बैंक का आईएफएससी कोड, राशन कार्ड संख्या, मोबाइल नंबर भरना होगा। यदि किसी आवेदक को किसी अन्य विभाग से इसका लाभ मिलता तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।