गल्ला मंडी में धनिया खाते जानवर। संवाद
औरैया। कानपुर-इटावा हाईवे किनारे स्थित गल्ला मंडी में बारिश का पानी भरने से सब्जी कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार दो दिन से ग्राहक और व्यापारी सब्जी खरीदने नहीं आ रहे हैं। जिसका सबसे ज्यादा असर हरी सब्जियों पर पड़ रहा है। आम दिनों में 65-70 रुपये किलो बिकने वाली धनिया शनिवार को एक रुपये का भी भाव नहीं पा सकी। मंडी में करीब दो क्विंटल धनिया पीली पड़ने के बाद फेंक दी गई।
सब्जी व्यापारी रोहित सिंह ने बताया कि दो दिन से ग्राहक नहीं आने के कारण यह धनिया खराब हुई। शनिवार दोपहर मंडी में 90 रुपये किलो बिकने वाली मटर भी खराब होने लगी थी। दुकानदार अच्छी और खराब मटर को अलग करते दिखे। टमाटर भी सड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। व्यापारियों ने बताया कि इंदौर से मंगाई गई कई सब्जियां ग्राहक नहीं आने से मालवाहक वाहन में ही पड़ी हैं।
व्यापारी नेता हेमराज कुशवाहा ने बताया कि दो दिन से ग्राहकों का आना पूरी तरह से बंद हैं। लोग बारिश थमने के बाद आने की बात कह रहे हैं। मंडी का रोजाना करीब 12 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसमें करीब 10 लाख रुपये का गल्ला और दो लाख रुपये की सब्जियों का कारोबार शामिल है। बारिश के कारण गल्ले की आवक भी पूरी तरह ठप रही।
खानपान के ठेले भी नहीं लगे
बारिश के चलते शहर के सुभाष चौक के आसपास रोज लगने वाले खानपान के ठेले भी शनिवार को नहीं लगे। इससे रोजाना यहां नाश्ता करने वाले लोगों को परेशानी हुई। कई लोगों को नाश्ते के लिए सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रुपये खर्च कर होटल का रुख करना पड़ा।
गल्ला मंडी में धनिया खाते जानवर। संवाद