औरैया। कोतवाली क्षेत्र में 12 वर्ष पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने फैसला सुनाया। अदालत ने एक अभियुक्त को दोषी ठहराया, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अदालत ने साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त अवनीश कुमार को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। उस पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सह-अभियुक्त सियाराम और मानसिंह के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोप सिद्ध करने में असफल रहा, इसलिए अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
वादी सियाचरण ने 26 सितंबर 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था। उसने बताया कि सियाराम, राजाराम, मानसिंह और अवनीश ने उसके बेटे शिवपाल को पुलिस की मुखबिरी के आरोप में पीटा था। इसके बाद, आरोपियों ने सियाचरण के दूसरे बेटे वीर सिंह को भी पीटा। दिन में करीब 11 बजे, ईंट भट्ठे के पास तीसरे बेटे कल्लू पर लाठी-डंडों व लोहे की सरिया से जानलेवा हमला किया गया। अदालत ने वसूले गए अर्थदंड का 50 फीसदी हिस्सा प्रतिपूर्ति के रूप में घायल कल्लू को देने का आदेश दिया।