बिधूना। तहसील क्षेत्र से निकली रामगंगा नहर पर बनने वाले पुल का निर्माण अधूरा है। केवल पिलर बनकार छोड़ दिया गया है। छह साल हो गए हैं, लेकिन ये पुल अब तक पूरा नहीं पाया है। ऐसे में ग्रामीणों को खेत जाने के लिए तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उधर, अधिकारी बजट का अभाव होने की बात कहकर पल्ला झाड़े हुए हैं।
बिधूना तहसील क्षेत्र से रामगंगा नहर निकली है। इस नहर पर गांव जगतपुर व कुर्सी के पास वित्तीय वर्ष 2019-20 में दो पुलों की स्वीकृत हुए थे। मंजूरी मिलने पर सिंचाई विभाग ने निर्माण शुरू कराया था। दोनों पुलों के पिलर तैयार करने के बाद काम बंद कर दिया। निर्माण ठहरने के पीछे अधिकारी बजट की कमी का हवाला दे रहे हैं। धीरे-धीरे छह वर्ष बीतने के बाद भी दोनों पुल तैयार नहीं हो पाए।
अधूरे पुलों से ग्रामीणों को आवागमन में दुश्वारी होती है। जगतपुर के ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के रुचि न लेने से पुलों का निर्माण लटका है। नहर के दूसरी ओर जगतपुर के ग्रामीणों की करीब 200 बीघा से अधिक जमीन है। इन दिनों धान की रोपाई होने वाली है। नहर में पानी अधिक होने पर किसानों को खेतों जुताई व अन्य काम के लिए तीन किमी चक्कर काटना पड़ रहा है।
पुल न बनने से खेतों की रखवाली करने में भी दिक्कत हो रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों से पुलों का निर्माण पूरा कराने मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुल न बनने से गांंव जगतपुर, कुआ पुर्वा, मुग्गपुर, सबहाद, कटरा, उम्मेद पुर्वा आदि के ग्रामीणों को तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यही हाल गांव कुर्सी के किसानों का है। दो किमी का चक्कर लगाकर किसान अपने खेतों को पहुंचते हैं।
ग्रामीणों ने बयां किया दर्द
तीन किमी का चक्कर लगाते हैं किसान
फोटो - 03 एयूआरपी 18 रामू पाठक। संवाद
जगतपुर निवासी रामू पाठक ने बताया कि पुल न बनने से खेत जाने के लिए 200 किसानों को तीन किमी चक्कर काटना पड़ता है। इससे नहर के खेतों की जोताई के लिए ट्रैक्टर ले जाने भी मना करने लगे हैं। पुल बनने पर समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
पुल न हाेने से नहीं मिल रहे ट्रैक्टर
फोटो - 03 एयूआरपी 19 धर्मेंद्र। संवाद
जगतपुर के धर्मेंद्र ने बताया कि खेतों में धान की नर्सरी तैयार है, लेकिन पुल न होने से खेतों जुताई के लिए ट्रैक्टर नहीं मिल रहा है। इससे फसल लेट हो रही है।
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बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे
फोटो - 03 एयूआरपी 20 लालमन। संवाद
किसान लालमन ने बताया कि पुल न बनने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खेती भी करना मुश्किल है। कुआ पुर्वा व मुग्गपुर गांव बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं।
ध्यान नहीं दे रहे जन प्रतिनिधि
फोटो - 03 एयूआरपी 21 धर्मपाल सिंह। संवाद
किसान धर्मपाल सिंह ने बताया कि मांंग करने के बाद भी पुलों के निर्माण पर जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। इससे किसान परेशान हैं। पानी अधिक होने से नहर पार करना खतरे से खाली नहीं है। इससे तीन किमी चक्कर लगाना मजबूरी है।
वर्जन
पानी कम होने पर शुरू होगा पुल का निर्माण
दोनों पुल निर्माण के लिए परियोजना तैयार हो गई है। अक्तूबर में नहर का पानी कम होने पर निर्माण चालू कराया जाएगा।
सुरेंद्र कौशल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग कानपुर देहात