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Auraiya News: 132 केवी बिजलीघर का निर्माण पांच साल से बजट के अभाव में अटका

Mon, 07 Sep 2026 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो -9- शहर में स्थित बिजली घर। संवाद
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अजीतमल। औरैया के अजीतमल तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित 132 केवी बिजलीघर का निर्माण पांच वर्षों से अधर में है। ग्राम पंचायत पचदेवरा में विद्युत केंद्र के लिए करीब 10 एकड़ भूमि स्वीकृत हो चुकी है। हालांकि, शासन स्तर से बजट की मंजूरी न मिलने के कारण परियोजना शुरू नहीं हो पा रही है।
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इसके चलते हजारों उपभोक्ता गर्मी और बारिश में ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ओवरलोड की समस्या झेल रहे हैं। अजीतमल क्षेत्र को फिलहाल 40 किमी दूर स्थित दिबियापुर-असेनी 132 केवी बिजलीघर से आपूर्ति मिलती है। अधिक दूरी के कारण मामूली आंधी या बारिश में भी फॉल्ट हो जाता है। इसे दुरुस्त करने में घंटों का समय लगता है। अजीतमल तहसील के करीब एक दर्जन गांव पड़ोसी जिले इटावा की विद्युत व्यवस्था से बिजली ले रहे हैं।
इन गांवों में अनंतराम, सौनासी और नगला नंदन शामिल हैं। इन गांवों को औरैया से जोड़ने के लिए वर्ष 2022 में पचदेवरा में जमीन चिह्नित की गई थी। अजीतमल ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडेय सहित जनप्रतिनिधि लगातार इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं।राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने भी इस मामले में पहल की है। उन्होंने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीतिश कुमार को पत्र भेजा। पत्र में पचदेवरा में 132 केवी विद्युत केंद्र का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की गई थी। इसके बावजूद पूरा मामला अभी तक ठंडे बस्ते में है।
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33 केवी के नए उपकेंद्र का भी भेजा प्रस्ताव
चपटा और अटसू विद्युत उपकेंद्रों पर लगातार लोड बढ़ रहा है। लोड बढ़ने से इटावा से जुड़े गांवों को औरैया नेटवर्क में शिफ्ट करने में तकनीकी अड़चन आ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने 132 केवी बिजलीघर के साथ-साथ मौहारी या अनंतराम क्षेत्र में एक नया 33 केवी उपकेंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।
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2022 में मिली थी 10 एकड़ जमीन
वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत पचदेवरा में गाटा संख्या 354 की करीब 10 एकड़ भूमि को बिजलीघर के लिए उपयुक्त पाया गया था। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद यह जमीन कागजों में बिजली विभाग के नाम दर्ज भी हो गई, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी निर्माण के लिए बजट जारी नहीं हुआ।
वर्जन -
यह प्लान यूपीडा के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर प्लानिंग की प्रक्रिया चल रही है और बिजली विभाग इसमें शामिल है लेकिन निर्माण कार्य यूपीडा द्वारा ही शुरू कराया जाएगा।
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- फूलचंद्र, अधिशासी अभियंता, इटावा
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