कांग्रेस द्वारा किया गया ट्वीट। संवाद
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दिबियापुर (औरैया)। सहायल थाना क्षेत्र के गांव परसू में किशोर की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। पीड़िता की मां ने घटना वाले दिन पुलिस कर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाया था। फिर बाद में गांव के दो सगे भाइयों पर रिपोर्ट लिखाई। अब यूपी कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से यह मामला उठाए जाने से प्रदेश स्तर पर मामला गर्मा गया। कई लोगों ने कांग्रेस के ट्वीट को रीट्वीट कर निष्पक्ष जांच की मांग शुरू की है।
3 जून को गांव परसू में गौतम उर्फ गोलू (13) पुत्र अशोक कुमार का शव परिजनों को गांव के बाहर खेत पर पेड़ से फंदे पर मिला था। तब मां मंगला देवी ने चोरी के आरोप में पुलिस द्वारा बेटे को थाने में ले जाकर पिटाई करने के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में गांव निवासी श्याम सुंदर व उसके भाई ज्ञान प्रकाश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बुधवार शाम प्रदेश कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि औरैया में किशोर के साथ योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने बर्बरता की पराकाष्ठा कर दी। पहले उसे भरे समाज के सामने बेरहमी से पीटा। फिर प्लास से खींच कर उसके नाखून निकाल दिए। जिसके बाद मासूम ने आत्महत्या कर ली। जिसके तन पर खाकी वर्दी, भाजपा राज में वे करते हैं गुंडागर्दी स्लोगन भी साथ में लिखा है।
ट्वीट के साथ एक टीवी चैनल की खबर का वीडियो संलग्न कर योगी आदित्यनाथ के ट्विटर हैंडल पर टैग किया गया है। हालांकि जैसे ही कांग्रेस की ओर से ट्वीट हुआ, तुरंत औरैया पुलिस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से रिप्लाई किया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक शिष्यपाल के बयान वाला वीडियो संलग्न किया गया।
इसमें एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने पुलिस पर लगे आरोपों की जांच की जिम्मेदारी सीओ औरैया को सौंपी है। अगर किसी पुलिस कर्मी की गलती प्रकाश में आती है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया है कि प्रथमदृष्ट्या किशोर को थाने लाए जाने का अभी तक कोई प्रमाणिक साक्ष्य नहीं मिला है।