सामाजिक संस्था एक विचित्र पहल ने पछैंया बस्ती के निवासियों का शराब बंदी का प्रण लेने पर जोरदार स्वागत किया। संस्था के सदस्यों ने बस्ती पहुंचकर उनकी हौसला आफजाई की। साथ ही जिला प्रशासन से उनके पुनर्वास की ओर कदम बढ़ाने की अपील की।
एक विचित्र पहल के संस्थापक संयोजक आनंद नाथ गुप्ता ने पछैंया बस्ती के निवासियों का शराब बंदी का ऐलान करने पर माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सौ साल से चल रहे कच्ची शराब बनाने के कारोबार को बंद कर पछैंया बस्ती के लोगों ने जो इज्जत की जिंदगी जीने की राह पकड़ी है। वह काबिले तारीफ है। कई पीढ़ियों से चल रहे अवैध शराब निर्माण के कारोबार को बंद कर बच्चों का भविष्य सुधारने की दिशा में उठाए गए अमर उजाला के प्रयास को भी उन्होंने सराहा।
कहा कि जिस काम को पुलिस व जिला प्रशासन सौ सालों में नहीं करवा पाया, अमर उजाला ने उनके बीच पहुंचकर उनके दर्द को अपना समझ कर उजागर किया। अब जिला प्रशासन की बारी है कि वह आगे बढ़कर इस काम को बंद करने वालों के लिए दो जून की रोटी का इंतजाम करवाए। इस दौरान पछैंया समाज के कई युवाओं ने कहा कि शराब निर्माण का काम बंद हो जाने से घर परिवार की बहू, बेटियों को पुलिस की प्रताड़ना नहीं सहनी पड़ेगी। सभी लोग बिना किसी भय के आराम से सो सकेंगे।
कार्यक्रम में शशि गुप्ता, संजीव गुप्ता, विनय पोरवाल, शिवम विश्नोई, सर्वेश पोरवाल, नीरज पोरवाल, कपिल पोरवाल, डा.मिथुन मिश्रा, उमेश विश्नोई, विनय पुरवार, डा, एसएस सिंह परिहार, अनुराग, मोहन शर्मा, गुरमीत सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।