अजीतमल (औरैया)। गांव रामनगर निवासी एक महिला ने पति की मौत के बाद ससुरालियों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन हड़पने की साजिश रचने की शिकायत की थी। मामले में बीडीओ व एडीओ पंचायत ने जांच शुरू कर दी।
आरोप है कि दस्तावेजों में उसके पति की मृत्यु एक वर्ष पहले दर्ज कर दी गई। पीड़िता ने फर्जीवाड़े में 12 लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है। खास बात यह है कि इस मामले में एक तत्कालीन पंचायत सचिव व प्रधान का नाम भी सामने आया है।
अजीतमल क्षेत्र के ग्राम रामनगर निवासी महिला कमलेश ने शनिवार को समाधान दिवस में सीडीओ को शिकायती पत्र दिया था। कमलेश का कहना है कि उसके पति की मृत्यु साल 2021 में हो चुकी है। एक पुत्री किरण थी, उसकी मृत्यु भी विवाह के बाद ससुराल में हो गई थी।
ससुरालजनों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। तब से वह अकेली इटावा जिले के थाना भरेह के गांव इमलिया स्थित मायके में रह रही हैं। आरोप है कि जेठ सहित अन्य परिवार के लोगों ने फर्जी दस्तावेज के जरिये एक महिला गुड्डी देवी को उसके पति की पत्नी बता दिया। साथ ही तीन पुत्र शिवपूजन, सोनू व पप्पू भी दर्ज कर दिए। आरोप है कि पंचायत सचिव की साठगांठ से मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में भी महिला व पुत्रों के नाम चढ़वा दिए गए।
आरोप है कि दस्तावेजों में गुड्डी देवी की जन्म तिथि एक जनवरी 1984 दर्शाई गई है। जबकि उसके बड़े पुत्र शिवपूजन की जन्म तिथि एक जून 1989, दूसरे पुत्र की जन्म तिथि एक जून 1990 और तीसरे पुत्र की जन्मतिथि 14 मई 1992 दर्शाई गई है। यानी पांच वर्ष की अवस्था में ही गुड्डी गर्भवती हो गईं और आठ साल की होने तक उसके तीन बच्चे हो गए।
वहीं सरकारी अभिलेखों में उसके पति की मृत्यु परिवार रजिस्टर में अगस्त 2020 दर्शायी गई है। जबकि पति की मृत्यु 27 अगस्त 2021 को हुई थी। आरोप है कि साजिश से उसके हिस्से की जमीन हथियाने के लिए कूटरचित तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है। मामले में सीडीओ ने जांच के आदेश दिए थे। बीडीओ अतुल यादव ने बताया कि मामले की वह और एडीओ पंचायत जांच कर रहे हैं। मंगलवार को पीड़िता को बयान के लिए बुलाया गया है।