यूपीएसआईडीसी द्वारा किसानों की अधिग्रहीत की गई भूमि का उचित मुआवजा न दिए जाने के खिलाफ बुधवार को सैकड़ों किसानों ने पदयात्रा की। मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने किसानों को यूपीएसआईडीसी को मांगपत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
यूपीएसआईडीसी द्वारा वर्ष 2003 में लखनपुर, उसरारी व चमरौआ ग्राम पंचायतों की अधिग्रहीत हुई भूमि का उचित मुआवजा न दिए जाने के विरोध में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन व किसान कल्याण समिति के बैनर तले किसान नेता अजय अनमोल के नेतृत्व में लखनपुर से जिला मुख्यालय ककोर तक किसान पदयात्रा निकाली।
यात्रा में शामिल किसान प्रदेश सरकार, यूपीएसआईडीसी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन में महिलाओं की अच्छी खासी भागेदारी रही।
किसान नेता अजय अनमोल ने कहा कि यूपीएसआईडीसी ने किसानों की अधिग्रहीत जमीन का आज तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया। हालत यह है कि 2003 में अधिग्रहीत की गई जमीन से किसान पूरी तरह से भूमिहीन हो गया है। इसके बावजूद उसे वाजिब हक नहीं मिला है।
कहा कि उक्त ग्राम पंचायतों की अधिग्रहीत भूमि का किसानों को 10.88 रुपये व 16.70 रुपये प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया गया, जबकि पास ही में बन रही प्लास्टिक सिटी में अधिग्रहीत की गई भूमि का किसानों का 3000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजे का भुगतान किया गया है।
कहा कि कंपनियों की दोहरी नीति के चलते किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यूपीएसआईडीसी द्वारा किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन किसानों को कानून के दायरे में रहते हुए उचित मुआवजा न दिलवा सका तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होगा। डीएम माला श्रीवास्तव ने कहा कि वह किसानों की मांग को यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों को सौंपकर उचित कार्रवाई कराएंगी। धरना प्रदर्शन में किसान नेता ओंकार सिंह राजपूत, संत कुमार तिवारी, श्याम बाबू शर्मा, रामशंकर राजपूत सहित भारी संख्या में किसान शामिल रहे।
डीएम की बेरुखी सेखफा हुए किसान नेता अजय- जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव द्वारा किसानों को ज्ञापन देने के लिए आए बुलावे पर चेंबर में पहुंचे।
अब तक किसानों के हक की तमाम लड़ाइयां लड़ चुके किसान नेता अजय अनमोल से ज्ञापन लेने के दौरान डीएम द्वारा उनकी बात न सुनने और झल्लाने कर बोलने पर किसान नेता अजय अनमोल खफा दिखाई दिए।
चेंबर से बाहर निकलने के बाद डीएम के दोबारा वार्ता हेतु बुलाने पर उन्होंने मिलना भी गवारा नहीं समझा और तुरंत गाड़ी में बैठकर वापस लौट गए।
धूप से बचने को डीएम कार्यालय के बाहर बैठे किसान- दोपहर में पैदल यात्रा करके मुख्यालय पहुंचे किसान धूप से बचने को डीएम कार्यालय के बाहर छाया में ही बैठ गए। इस पर डीएम काफी नाखुश दिखाई दी। वार्ता के लिए पहुंचे किसानों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आंदोलन का यह तरीका नहीं है कि रास्ता रोककर ही बैठ जाएं।