जीएसटी के विरोध में जुलूस निकालते कपड़ा व्यापारी।
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जीएसटी के विरोध में गुरुवार को कपड़ा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बैठक कर जीएसटी लागू के वित्त मंत्री के फैसले की निंदा की और बाइक जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शित किया।
गुरुवार सुबह शहर के कपड़ा व्यापारी सदर बाजार में एकत्र हुए। इसके बाद घूम-घूमकर दुकानें बंद कराईं। कपड़ा व्यापारियों ने बाइक जुलूस निकालकर वित्त मंत्री व प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए। बाइक जुलूस निकालने के बाद व्यापारियों ने होमगंज मार्के ट में बैठक का आयोजन किया।
इसमें सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों को कोसा। कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष मनोज लोहिया व महामंत्री राम कृष्ण ने कहा कि इससे पूर्व कपड़े पर कोई टैक्स नहीं था। लेकिन सरकार ने जीएसटी के जरिए कपड़े पर टैक्स लगाकर व्यापारियों पर कुठाराघात किया है। व्यापारी स्वतंत्र अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी से महंगाई में वृद्धि होगी इसे वापस लिया जाए। सरकार ने जीएसटी तैयार करने में सालों साल लगाए, और व्यापारियों को एक दिन का समय देने को भी तैयार नहीं है।
व्यापारियों का कहना है कि टुकड़ों-टुकड़ों में कटकर बिकने वाले कपड़े पर जीएसटी लगाने से कारोबार भी टुकड़े- टुकड़े हो जाएगा। व्यापारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। व्यापारियों ने कहा कि शुक्रवार को भी व्यापार मंडल की बंदी को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल के राजेश बाजपेई बब्लू, सुधीर पुरवार, अमर विश्नोई, ब्रजेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।