बिधूना (औरैया)। स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार करने के लिए बनाए गए सामुदायिक शौचालय अधिकारियों की उपेक्षा के भेंट चढ़े हैं। वर्षों से ग्राम पंचायत में बनकर तैयार इन शौचालयों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जिससे लोग आज भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं।
बिधूना ब्लाक की 69 ग्राम पंचायतों में 64 सामुदायिक शौचालय बनाए जाने जाने थे। इनमें से 58 ग्राम पंचायतों सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों के शौचालय तैयार हैं। जबकि कुछ शौचालयों में पानी, बिजली, टायल्स आदि का काम अधूरा पड़ा है। एक वर्ष से अधिक का समय बीतने के बाद भी न तो काम पूरा कराया जा सका है और न ही शौचालयों का संचालन हो पा रहा है। जबकि छह ग्राम पंचायत ऐसी हैं जहां जगह उपलब्ध न होने से आज तक शौचालय का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
सरकार की मंशा थी कि ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराकर लोगों को खुले में शौच जाने से रोका जा सके और स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार हो। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले में सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है। बिधूना ब्लाक के अलावा भी कई ब्लाकों की स्थिति ऐसी ही है। एडीओ पंचायत पंकज तिवारी ने बताया कि शौचालय सभी पूर्ण हो चुके हैं। कुछ में खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही बिजली कनेक्शन कराकर संचालित कराए जाएंगे।