फोटो-19एयूआरपी37- घर की दहलीज पर दीपक रखते बच्चे। संवाद
औरैया। दीपावली की पूर्व संध्या पर गोबर का दीप जलाकर दरवाजे की चौखट या नाली पर रखे जाने की परंपरा निभाई गई। इस मौके पर नरक चौदस पर पूजा पाठ किया गया और बच्चों ने जमकर आतिशबाजी छु़ड़ाई। छोटी दीपावली पर ही लोगों ने अपने घरों को इलेक्ट्रानिक झालरों से जगमग कर दिया।
दीपावली का पर्व धनतेरस से ही शुरू हो जाता है। धनतेरस पर लोग सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स आइटम, कपड़े व झाड़ू आदि की खरीदारी करते हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग धनवंतरि भगवान का भी पूजन करते हैं। वहीं, दीपावली के एक दिन पहले नरक चौदस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन घर के बाहर नाली या चौखट पर गोबर का दीप जलाकर पंरपरा का निर्वाह किया जाता है। रविवार को शाम ढलते ही दीप बनाने की तैयारियां शुरू हो गई। लोग गोबर की तलाश में निकल पड़े। इसके बाद गोबर का दीप बनाकर जलाया गया। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी भी चली और घरों में भगवान का पूजन भी किया गया। (संवाद)
फोटो-19एयूआरपी37- घर की दहलीज पर दीपक रखते बच्चे। संवाद
फोटो-19एयूआरपी37- घर की दहलीज पर दीपक रखते बच्चे। संवाद