औरैया। अलभित समूह व दुर्बल आय वाले बच्चे अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्रचार-प्रसार न होने से लगभग 18 लाख की आबादी वाले जिले में चालू सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग अब तक सिर्फ 12 बच्चों को योजना का लाभ दिला पाया है। योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 अप्रैल है।
अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत किसी भी निजी स्कूल में 25 फीसदी दाखिला अलभित समूह व दुर्बल वर्ग आय के परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित होते हैं। इन बच्चों को प्रवेश दिलाने के साथ कॉपी-किताब, यूनिफार्म, जूता आदि की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। इसके बाद प्रशासन संबंधित स्कूल को सलाना एक मुश्त धनराशि देता है। ऐसे बच्चों का प्रवेश लेने से कोई भी स्कूल मना नहीं कर सकता है।
चालू सत्र में शहरी क्षेत्र में योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए ऑफलाइन आवेदन का प्रावधान है। जागरूकता के अभाव में इन समूहों के ज्यादातर बच्चे योजना के लाभ से वंचित हैं। वर्ष 2015-16 में जिले में पहली बार 12 बच्चों को लाभ मिला। वर्ष 2016-17 में 96, 17-18 में 100 बच्चों को लाभान्वित कराया जा चुका है। चालू सत्र में अभी तक शहर क्षेत्र के 12 बच्चे ही योजना का लाभ पा सके हैं। ग्रामीण क्षेत्र से एक भी बच्चे का आवेदन नहीं आया है।
बच्चों के प्रवेश का मानक
अलभित समूह में एससी/एसटी, ओबीसी, कैंसर पीड़ित, एचआईवी पीड़ित परिवारों के बच्चे आते हैं। दुर्बल वर्ग आय में किसी भी जाति व धर्म के लोग शामिल हैं। ऐसे परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
योजना के तहत पंसदीदा स्कूल में प्रवेश पाने के लिए 18 अप्रैल तक आवेदन किया जा सकता है। शहर क्षेत्र के बच्चों को ऑनलाइन व ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बीईओ कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। कोई भी अभिभावक उनके कार्यालय में डीसी समेकित शिक्षा के पास आवेदन जमा करा सकता है।
एसपी यादव, बीएसए