नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल के सफाई नायक सीडी प्रकरण
के सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई
से नगर पंचायत के सभासद संतुष्ट नहीं हैं। बुधवार को जांच अधिकारी बदलने की
मांग को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात न होने पर सभासदों ने रजिस्टर्ड डाक
से प्रार्थना पत्र भेजा है। सभासदों का कहना है कि उस अधिकारी को कैसे जांच
सौंपी जा सकती है जो उसी नगर पंचायत का सर्वोच्च अधिकारी है।
नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल के सफाई नायक जालिम सिंह की नगर
पंचायत की काली कमाई और भ्रष्टाचार की पोल खोलती सीडी तैयार कर डीएम को
सौंपी गई थी। सीडी के तथ्यों के आधार पर डीएम माला श्रीवास्तव ने सफाई नायक
को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करते हुए उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का
फरमान जारी किया था। यही नहीं पूरे मामले को संजीदगी से लेते हुए डीएम ने
मजिस्ट्रीरियल जांच बैठाते हुए जांच अधिकारी एसडीएम अजीतमल/अधिशासी अधिकारी
अजीतमल-बाबरपुर को नामित किया था।
डीएम की ओर से नामित किए गए जांच
अधिकारी से नगर पंचायत के सभासद संतुष्ट नहीं हैं। इसको लेकर सभासदों की
दलील है कि नगर पंचायत की भ्रष्टाचार में लिप्त कार्यशैली की जांच कार्य
में निष्पक्षता की उम्मीद करना उसी नगर पंचायत अधिकारी को जांच अधिकारी
नामित करके करना बेमानी होगा।
बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे नगर पंचायत के
इस्लाम नगर व विद्यानगर वार्ड के सभासद क्रमश: प्रमोद कुमार गोयल व दीपक
धनपति ने डीएम के दफ्तर में न मिलने पर पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजा
है। प्रार्थना पत्र में सभासदों ने किसी स्वतंत्र अधिकारी को नामित कर
जांच कराने की मांग की है।