औरैया। गर्मी से जूझ रहे जिले वासियों के राहत की खबर है कि अब तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। तो वहीं स्थानीय स्तर पर गरज के साथ बारिश की संभावना भी है। मौसम विभाग की मानें तो 21 जुलाई तक न्यूनतम तापमान 26 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तो वहीं मौसम में आद्र्रता 60 और 81 प्रतिशत दर्ज की गई। जबकि उत्तर और पूरब दिशा में हवाएं 10 से 15 किलो मीटर रफ्तार से चलीं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि आज से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अब लगातार तापमान में गिरावट आएगी। 21 जुलाई तक न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के आसार है।
यही नहीं इन पांच दिनों में हल्के बादल छाए रहने के कारण मध्य तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना है। बताया कि भले ही बारिश न देखने को मिले, लेकिन चलने वाली हवाएं गर्मी से निजात देती नजर आएंगी। बुधवार को भले ही तेज धूप नहीं देखने को मिली, लेकिन पूरे दिन उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। शाम के समय चली तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से निजात दिलाई।
चोरी का खुलासा न होने पर पीड़ित परेशान
- मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजी शिकायत और पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में एक घर से लाखों रुपये के जेवरातों की हुई चोरी की वारदात को आज आठ दिन बीत चुके है। घटना का खुलासा न होने पर पीड़ित परिवार परेशान हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कोतवाली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही शीघ्र चोरी का खुलासा कर माल बरामद करने की मांग की।
सदर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले फफूंद रोड स्थित बरमूपुर नहर के समीप निवारी विक्रम सिंह तोमर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर बताया कि नौ जुलाई को वह परिवार समेत जालौन स्थित रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गए थे। 10 जुलाई की सुबह पड़ोसियों ने घर में लगे ताले टूटे होने की जानकारी फोन पर दी थी। वापस आकर देखा तो घर से चोरों ने लगभग सात तोला सोने के जेवर और लगभग नौ सौ ग्राम चांदी के जेवरात चोरी किए थे। बताया कि मार्ग पर लगे सीसीटीवी के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान की गई, लेकिन आज तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं कर सकी है।
पीड़ित विक्रम ने बताया कि पुलिस द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। यदि शीघ्र ही कोतवाली पुलिस ने चोरी का खुलासा न किया तो मजबूरन उन्हें पुलिस के खिलाफ उच्चाधिकारियों से मिलना पड़ेगा। पीड़ित ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने शीघ्र चोरी का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
इंस्पायर योजना में प्रत्येक विद्यालय के पांच बच्चों का पंजीकरण कराने के निर्देश
- विद्यालयों में लगाए जा रहे आइडिया बॉक्स से किया जा रहा प्रचार-प्रसार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहार। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा कक्षा छह से 10 तक के छात्र छात्राओं में रचनात्मक व नवाचारी सोच विकसित करने के उद्देश्य से जारी इंस्पायर अवार्ड (मानक) योजना में नामांकन कराए जाने हैं।
इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश कुमार ने नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय के अतिरिक्त जनपद के सभी राजकीय, अशासकीय व वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों के अतिरिक्त सीबीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपने स्तर से प्रत्येक विद्यालय से पांच-पांच बच्चों का ऑनलाइन नामांकन अनिवार्य रूप से कराएं।
जारी हुए आदेश में जनपद के प्रत्येक सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल व परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आइडिया बॉक्स लगवाए जा रहे हैं। इसमें छात्र-छात्राएं अपने आइडिया को लिखकर निसंकोच बॉक्स में डाल रहे हैं। शिक्षकों की टीम उनमें से पांच सर्वश्रेष्ठ विचारों को ऑनलाइन वेब पोर्टल से या इंस्पायर मानक एप के माध्यम से नामांकित करा रहे हैं। नामांकन में किसी प्रकार की असुविधा के लिए जिला नोडल अधिकारी रामेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क करने को कहा गया है। इसमें बच्चों का आइडिया चयनित होने पर उसके खाते में भारत सरकार द्वारा एक मुश्त 10 हजार रुपये मिलते हैं। इनके मॉडल राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतीकरण देगें। योजना के लिए जिले से न्यूनतम 2700 पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
पिछले साल हुए थे 1021 नामांकन
साल 2023 में इंस्पायर योजना में बेसिक व माध्यमिक से कुल 1021 नामांकन हुए थे। इनमें से 35 बच्चों के आइडिया मंडल स्तर पर प्रस्तुतीकरण हेतु चयनित हुए हैं। इस वर्ष भी शिक्षकों की मेहनत से निर्धारित लक्ष्य को अवश्य पूरा करने की कवायद शुरू की गई है।
बोले जिम्मेदार-
‘प्रत्येक विद्यालय को कक्षा छह से 10 तक में पढ़ने वाले कुल पांच छात्र-छात्राओं के नवोन्मेषी विचारों का नामांकन कराना अनिवार्य है।’
- बृजेश कुमार, डीआईओएस
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‘प्रत्येक विद्यालय में आइडिया बॉक्स लगवाए जा रहे हैं। इससे बच्चे बेझिझक अपने विचारों को एक सादे कागज पर लिखकर उसमें डाल सकेंगे।’
- संजीव कुमार, बीएसए