औरैया। दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का दबाव परीक्षार्थियों पर परीक्षा से पहले से ही बनने लगता है। खासकर कक्षा नौ और 11 में आते ही छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा का डर सताने लगता है। नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) और नए परीक्षा पैटर्न से इस दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। इस साल 2024 में होने वाली बोर्ड परीक्षा पैटर्न के साथ अंक योजना में बोर्ड ने बदलाव किए हैं। इससे जहां छात्रों के ऊपर से पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम होगा वहीं कोचिंग प्रथा पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
15 फरवरी से शुरू हो रही है सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। छात्रों की मदद के लिए बोर्ड ने अपनी आधिकारिक साइट डब्लूडब्लूडब्लू.सीबीएसई.एनआईसी.इन पर कक्षा दस और 12 के सैंपल पेपर जारी कर दिए हैं। जिससे छात्रों को नए परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम के बारे में अच्छे से समझ आ जाएगा। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2024 में योग्यता आधारित प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे विषय को पढ़कर समझने वाले छात्रों के लिए परीक्षा देना आसान हो जाएगा। विषय को रटकर परीक्षा देने वाले छात्रों को भी स्लेबस के पाठ न केवल पढ़ने बल्कि अच्छी तरह समझने भी होंगे।
10वीं बोर्ड परीक्षा का पैटर्न
कक्षा दस में योग्यता या केस आधारित प्रश्न 50 प्रतिशत होंगे। (जो) ये प्रश्न एमसीक्यू, केस स्टडी बेस्ड, सोर्स बेस्ड, कोड बेस्ड और एप्लीकेशन बेस्ड होंगे। 20 प्रतिशत प्रश्न प्रतिक्रिया प्रकार होंगे, 20 प्रतिशत बहु विकल्पीय और शेष 30 प्रतिशत प्रश्न लघु एवं दीर्घ उत्तरीय होंगे।
12वीं में होंगे 40 प्रतिशत योग्यता आधारित सवाल
कक्षा 12 में कम से कम 40 प्रतिशत प्रश्न योग्यता आधारित या केस स्टडी व अन्य प्रकार के होंगे। इसमें केस स्टडी आधारित, सोर्स बेस्ड, प्रयोग पर आधारित पैसेज संबंधी या फिर कोड या एप्लीकेशन पर आधारित होंगे। यह भी 20 प्रतिशत प्रतिक्रिया आधारित 20 प्रश्न बहुविकल्पीय (एमसीक्यू) और शेष 40 प्रतिशत निर्मित प्रतिक्रिया प्रश्न (संक्षिप्त एवं दीर्घ उत्तरीय) होंगे।