फोटो-27एयूआरपी 36- सहार सीएचसी में रखी सीबीसी मशीन। संवाद
औरैया। बदलते मौसम में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोई मलेरिया तो कोई डेंगू से ग्रसित हैं लेकिन यहां पर इनके लक्षणों पता लगाने को जांचें नहीं हो पा रही हैं। वजह, ग्रामीण सरकारी अस्पतालों में कहीं पर सीबीसी मशीन खराब है तो कहीं मशीन ठीक है तो रीजेंट नहीं हैं। इससे मरीजों की खून की जांच नहीं हो पा रही है। उन्हें जांच कराने के लिए निजी पैथालॉजी तक भागदौड़ करनी पड़ रही है हालांकि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्र में सीएचसी स्तर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा कर रहा है।
इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम के मामले ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों की सीबीसी जांच करवाने की जरूरत होती है। सीबीसी जांच में मरीज के स्वास्थ्य का खाका डॉक्टर को मिल जाता है। इससे सटीक उपचार में सुविधा मिलती है लेकिन सीएचसी स्तर पर इन दिनों सीबीसी जांच ही ठप पड़ी है। दो सीएचसी इसकी बानगी दे रही हैं। ऐसे में सीएचसी पहुंचने वाले मरीजों को सीबीसी जांच के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी जाना पड़ रहा है। वहां मरीजों को 300 से हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
-
फोटो-27एयूआरपी 36- सहार सीएचसी में रखी सीबीसी मशीन। संवाद
सहार सीएचसी में एक माह से नहीं हो रही सीबीसी जांच
सहार सीएचसी पर दाे गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने की जिम्मेदारी है। यहां की सीएचसी में पिछले एक माह से सीबीसी मशीन लैब में शोपीस बनी है। यहां पर रीजेंट का अभाव है। सहार सीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश सचान ने बताया कि रीजेंट को लेकर डिमांड भेजी गई है। पिछले दिनों मशीन खराब हुई तो उसे दुरुस्त करा दिया गया था। रीजेंट आने के बाद जांचें शुरू हो जाएंगी।
-
फोटो-27एयूआरपी 37- बेला सीएचसी में रखी सीबीसी मशीन। संवाद
बेला में सीबीसी मशीन पड़ी है खराब
बेला सीएचसी पर सीबीसी मशीन तकनीकी रूप से खराब है। ऐसे में मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। सीएचसी पहुंचने वाले मरीजों की किट के माध्यम से जांच की जा रही है। लोगों को बाहर 300 रुपये में सीबीसी कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। एलटी अवनी ने बताया कि सीबीसी मशीन सही कराई गई है लेकिन कुछ तकनीकी खराबी के कारण जांच नहीं हो पा रही है। किट से जांच कराई जा रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मशीन को जल्द दुरुस्त कराते हुए जांचें शुरू कराई जाएंगी।
फोटो-27एयूआरपी 36- सहार सीएचसी में रखी सीबीसी मशीन। संवाद