फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान : एचआईवी संक्रमित न कर दे टैटू का शौक

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। युवाओं में टैटू बनवाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसी के साथ एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसे गंभीर संक्रमणों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जिले में बिना लाइसेंस और बिना स्टरलाइजेशन के टैटू बनवाने का चलन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है।
विज्ञापन

शोध में यह बात सामने आई है कि सुरक्षित ढंग से टैटू न बनवाने के कारण एचआईवी व हेपेटाइटिस संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं। जिले के कई क्षेत्रों में कई स्ट्रीट टैटू आर्टिस्ट बिना किसी स्टरलाइजेशन प्रक्रिया के टैटू बना रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर डिस्पोजेबल सुई का उपयोग नहीं होता। एक ही इंक नीडल से कई लोगों पर काम किया जाता। दस्ताने, सैनेटाइजर और मशीनों की सफाई के मानक भी नहीं होते। टैटू आर्टिस्ट को यह काम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराना पड़ता है। हैरत की बात है कि जिले में एक भी टैटू आर्टिस्ट पंजीकृत नहीं है, जबकि यह काम सौ से ज्यादा लोग कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार टैटू बनवाते समय यदि सुई संक्रमित हो तो वायरस सीधे खून में चला जाता है। इससे एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है, ताकि इसे रोका जा सके।
सस्ते के कारण ले रहे जोखिम
जिले में कई टैटू आर्टिस्ट 200 से 500 रुपये में टैटू बना रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कम कीमत पर होने वाले इस कार्य में सुरक्षा के मानक लगभग शून्य होते हैं। जागरूकता की कमी के कारण युवा खुद भी यह नहीं पूछते कि सुई नई है या नहीं, इंक का कप डिस्पोजेबल है या नहीं, मशीन स्टरलाइज हुई या नहीं। इसी के चलते टैटू बनवाना जोखिम भरा हो सकता है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग कर रहा कार्रवाई की तैयारी
बिना पंजीकरण संचालित हो रहे टैटू स्टूडियो संचालकों पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिले भर के टैटू आर्टिस्टों की सूची बनाई जा रही है। जिन स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी होगा। विभाग जुर्माना लगाने के साथ ही स्टॉल बंद भी करा सकता है।
जिले में अभी एक भी टैटू आर्टिस्ट पंजीकृत नहीं है। बिना पंजीकरण टैटू स्टूडियो संचालित करना नियम विरुद्ध है। ऐसे स्टूडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को इस संबंध में खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। यह गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है।
विज्ञापन

- डॉ शिशिर पुरी, डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें