मार्ग पर खड़े होकर हंगामा काटती महिलाएं
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सेंट्रल बैंक से नई करेंसी न मिलने पर परेशान महिलाओं ने हाईवे जाम कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने बैंक कर्मियों पर खास लोगों को रुपये देने का आरोप लगाया। वहीं एक घंटे तक हाईवे जाम होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इधर महिलाओं ने शीघ्र रुपया न मिलने पर फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
कस्बा स्थित सेंट्रल बैंक में कैश की समस्या नोट बंदी के दिन आठ नवंबर से ही बनी है। यहां दलालों के माध्यम से कैश का वितरण किया जाता है। यह आरोप लगाते हुए बैंक के बाद लोगों ने जमकर नारेबाजी की। सोमवार को महिलाओं का सब्र टूट गया। उन्होंने सरकार व बैंक कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुये पुराना हाइवे जाम कर दिया। समील बेगम, प्रतिभा देवी, अफरोज बेगम, संजूू देवी, गंगा देवी, ब्रहमा देवी आदि महिलाओं ने बैक कर्मियों पर आरोप लगाया।
कहा कि वह पिछले आठ दिनों से परेशान है। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक लाइन में लगी रहती है। लेकिन बैक कर्मी कैश न होने की बात कहकर उन्हें टरका देते हैं। अपने ही रुपये निकालने के लिये उन्हें मशक्कत करनी पड रही है। इसके बावजूद रुपये नहीं मिल रहे हैं। जाम लगने के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया और महिलाओं को शांत करवाया।
नोटबंदी से ग्रामीण परेशान
क्षेत्र के ग्राम तातारपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि गांव से बकरी खरीदकर बाजार में बेंचकर जीवन यापन कर रहे थे। नोटों की किल्लत से उनका व्यापार चौपट हो रहा है। राजकीय पालीटेक्निक हैदरपुर में अध्यनरत छात्र अनुराग मौर्या बताते हैं कि बैकों में रुपये न निकलने से पढ़ाई पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड रहा है। रोशंगपुर निवासी उर्मिला देवी बताती हैं कि वह पिछले आठ दिनों से बैंको के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन राशन के खाद्यान लेने के लिये पैसे की किल्लत से जूझना पड रहा है। जसवंतपुर निवासी प्रभेष बताती हैं कि बिटिया की शादी के कार्ड छपवाये है। बैंक से पैसा नहीं बेटी की शादी की चिंता सताये जा रही है।