विद्युत उपकेंद्र औरैया में स्थित पावर हाउस। संवाद
औरैया। जिले में ओवरलोडिंग के कारण बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी बिजली समस्याएं आम थीं। विद्युत निगम ने इन समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यापक सुधार कार्य शुरू किया है। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 79 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस पहल से 13 लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से जल्द राहत मिलेगी।
एरवाकटरा, बिधूना और अजीतमल तहसील में उपभोक्ता लंबे समय से बिजली कटौती से परेशान थे। निगम के अधिकारियों ने कारोबार योजना के तहत एक कार्य योजना बनाई। शहर और बिधूना क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। अजीतमल क्षेत्र में आठ एमवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम बारिश के कारण बाधित हुआ है। मौसम साफ होते ही यह लंबित कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।
क्षमता वृद्धि के बाद ट्रांसफार्मरों में 26 से 30 केवीए तक का इजाफा होगा। इससे ओवरलोडिंग की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। यह कार्य जनपद के 33 उपकेंद्रों पर एक साथ चलाया गया। विद्युत निगम ने विभिन्न एमवीए श्रेणियों के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई है। यह सुधार कार्य उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
इतनी बढ़ाई गई क्षमता
एमवी ट्रांसफार्मर
25-63 22
63-100 20
100-200 03
10-25 25
16-25 09
350 मेगावाट से बढ़कर 414 हो जाएगा लोड
विद्युत निगम ने करीब तीन माह पहले कारोबार योजना के तहत यह कार्य प्रारंभ किया था। पहले जनपद का कुल लोड 350 मेगावाट था। इस कारण शहर सहित पूरे जनपद में ट्रिपिंग और ओवरलोड की समस्या सबसे अधिक थी। क्षमता वृद्धि के बाद अब जनपद का कुल लोड 414 मेगावाट हो गया है। इस वृद्धि से जनपद के लोगों को लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनाएगा।
वर्जन -
बिजनेस प्लान के तहत जिले के अधिकांश हिस्सों में काम लगभग अंतिम चरण में है। अजीतमल क्षेत्र में आठ एमवीए का बड़ा ट्रांसफार्मर लगाया जाना है जो बारिश के जलभराव के कारण थोड़ा पिछड़ गया है। बारिश थमते ही काम दोबारा शुरू कराया जाएगा और इस माह के अंत तक इसे चालू करने की पूरी संभावना है। - सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता