औरैया। अन्ना मवेशियों की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है।
शासन ने एक नवंबर से अन्ना मवेशियों को पकड़ने का अभियान शुरू किया है, जो 31 दिसंबर तक चलेगा। जिले की तीनों तहसीलों में 2500 अन्ना मवेशियों को पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए तहसील व ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित की गई है। प्रत्येक मंगलवार को प्रमुख सचिव अभियान की समीक्षा करेंगे।
जिले में वर्तमान समय में तीन स्थायी, 50 अस्थायी गोशालाओं में करीब 12 हजार गोवंश बंद हैं। इसके बाद भी शहर व ग्रामीण अंचलों में अन्ना मवेशियों की समस्या से किसानों को निजात नहीं मिल पा रही है। राष्ट्रीय राज्यमार्ग, सब्जी मंडियों व सार्वजनिक स्थानों पर अन्ना मवेशियों के झुंड परेशानी बढ़ा रहे हैं। जिले के औरैया, अजीतमल, अछल्दा, भाग्यनगर, एरवाकटरा, बिधूना व सहार क्षेत्र में बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी किसानों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं।
प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर ने डीएम को पत्र भेजकर एक नवंबर से 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में अधिकारियों को तत्परता से अभियान चलाकर शत-प्रतिशत अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद करने के निर्देश दिए हैं। प्रति सप्ताह स्वयं प्रमुख चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा करेंगे। इसके लिए तहसील व ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है।
एक नवंबर से अन्ना मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा। तीनों तहसीलों में 2,500 से अधिक अन्ना मवेशियों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को अभियान में तत्परता से जुटने के निर्देश दिए गए हैं। कोताही बरतने वाले वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -अनिल कुमार, सीडीओ