अफजल गुरु जैसे आतंकवादी को शहीद बताने वाले और जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के विरोध में शनिवार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में सुभाष चौराहे पर वामपंथी संगठनों का पुतला फूंका गया।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को शुक्रवार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। जेएनयू में संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश की आजादी तक जंग जारी रखने व कश्मीर की आजादी और पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई थी।
इस घटना के बाद से राजनीति गरमा गई। जेएनयू में हुए इस कृृत्य की घोर निंदा करते हुए आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री राहुल शर्मा के नेतृत्व में वामपंथी संगठनों का शहर के सुभाष चौराहें पर पुतला फूंक कर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए व देश के गद्दरों को देश से बाहर निकालने बात कही। उन्होंने कहा कि वामपंथी दलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एबीवीपी के जिला संयोजक प्रतीक सिंह ने सरकार से मांग की ऐसे राष्ट्र विरोधी संगठन निश्चित तौर पर अराजकता का माहौल बनाकर देश में हिंसा करवाना चाहते है। जिला सहसंयोजक प्रणव चौहान ने कहा ऐसे संगठनों के खिलाफ यदि सरकार ने कड़ी कार्रवाई नहीं कि तो एबीवीपी को कडे़ कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि सत्ता दल में बैठे लोग यह न भूले कि छात्र शक्ति से बड़ी देश में कोई शक्ति नहीं है। पुतला दहन में अजयवीर सिंह, अनुराग पांडेय, विनय यादव, राम सेंगर, अजय श्रीवास्तव, दीपक दुबे, अंकुर तिवारी, शिवम चौरसिया गुड्डन ठाकुर आदि लोग मौैजूद रहे।