जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में कुल 593 मुकदमे सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हुए। वहीं 33280 रुपये अर्र्थदंड वसूला गया। मोटर दुर्घटना क्लेम के वादों में 1215000 रुपये प्रतिकर एवार्ड किया गया। बैंकों ने विशेष शिविर लगाकर 49 मामले तयकर 1395000 रुपये का सेटलमेंट किए।
प्राधिकरण के नोडल अधिकारी एडीजे अंगद प्रसाद ने बताया कि जिला जज कल्पना मिश्रा की अध्यक्षता मेें लगी लोक अदालत में विशेष रूप से बैंक संबंधी मामले भी निपटाए गए। सभी बैंको ने विशेष शिविर लगाए। जिसमें बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों के विवाद को निपटाया। पंजाब नेशनल बैंक ने सात, पूर्वांचल बैंक ने 29, स्टेट बैंक ने 13 वाद सुलझाए व 13 लाख 95 हजार रुपये का सेटलमेंट किया।
स्वयं जिला जज ने 16 वाद तय कर एम.ए.सी में 3 लाख 90 हजार प्रतिकर एवार्ड किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायधीश प्रदीप कुमार कंसल ने 02 तथा ए.डी.जे (फास्ट ट्रैक) महफूज अली ने एम.ए.सी का 01 मामला तय कर 1 लाख 30 हजार रुपये प्रतिकर एवार्ड किया। वहीं ए.डी.जे (प्रथम) अंगद प्रसाद ने 06 तथा ए.डी.जे(द्वितीय)राम अवतार यादव ने 34 वाद तय किये व 6 लाख 95 हजार रुपये एम.ए.सी के अवार्ड किये। सी.जे.एम हरवंश नारायण त्रिपाठी ने सर्वाधिक 209 मुकदमें निपटाये व 23 हजार 400 रुपये का अर्थदंड वसूला।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रीती चौधरी ने 09 वाद तय कर 2900 रुपये तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बिधूना विराट श्रीवास्तव ने 10 मुकदमें तय कर 6480 रुपये अर्थदंड वसूला। डी.बी.ए प्रवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि एस.डी.एम औरैया जितेंद्र श्रीवास्तव ने 38, बिधूना ने 32, अजीतमल ने 81 तहसीलदार औरैया रामनयन ने 39, बिधूना ने 45, अजीतमल ने 15 व सीओ चकबंदी ने सात वाद तय किए। प्राधिकरण नोडल अधिकारी अंगद प्रसाद व एडीजे महफूज अली ने बैंकों की ओर से लगाए गए कैंपों का अवलोकन किया।