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सराफा कारीगर ने यमुना नदी में लगाई छलांग,

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Bullion artisan made a leap into the river Yamuna, - फोटो : AURAIYA
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा बड़ी माता मंदिर के पास निवासी एक सराफा कारीगर ने रविवार को दोपहर यमुना नदी में छलांग लगा दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से खोजने की कोशिश की। जलस्तर बढ़ा होने से सफल नहीं हुई। इस पर बाढ़ नियंत्रण पीएसी बल को बुलाया। इसने मोटर बोट से खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। शाम लगभग चार बजे तक चले खराब मौसम के चलते काम बंद कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि सोमवार को सुबह फिर से अभियान चलाया जाएगा। परिजनों और पुलिस का कहना है कि कारीगर ने घरेलू कलह से ऊबकर यह कदम उठाया है।
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रविवार दोपहर लगभग 12 बजे मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा निवासी सराफा कारीगर शैलेंद्र उर्फ पप्पू (55) पुत्र स्व. श्रीराम ने साइकिल से यमुना पुल पर पहुंचकर नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक युवक ने पकड़ने का प्रयास भी किया, जिसमें कारीगर का हाथ पकड़कर में आया भी लेकिन नीचे की तरफ गिरने की गति ज्यादा होने और वजन अधिक होने से हाथ छूट गया। कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे, सीओ सिटी श्यौदान सिंह, चौकी इंचार्ज देवकली अशोक पटेल मौके पर पहुंचे और गोताखोरों को बुलाकर तलाशी शुरू की। दोपहर लगभग ढाई बजे तक जब पता नहीं चला तो सीओ सिटी ने लखनऊ की 32 बटालियन पीएसी बाढ़ नियंत्रण टीम को सूचना दी। सूचना पर प्लाटून कमांडर विनोद कुमार मिश्रा हेड कांस्टेबल देवेंद्र राय, दूधनाथ यादव व हमराह ज्योत प्रसाद शर्मा के साथ यमुना नदी पर पहुंचे। मोटर बोट के सहारे प्रयास किया लेकिन वे भी सफल नहीं हुए। शाम लगभग चार बजे तेज बारिश से खराब हुए मौसम को देखते हुए खोज बंद कर दी गई। हालांकि इस बीच देवकली चौकी इंचार्ज गोताखोरों के साथ मढ़ापुर गांव के आगे तक तलाश में जुटे रहे। चौकी इंचार्ज ने बताया कि समय अधिक होने से खोजबीन का काम बंद कर दिया गया है। सुबह फिर से अभियान शुरू किया जाएगा।कारीगर अपनी साइकिल व चप्पल पुल पर छोड़ गया। बताया कि प्रथमदृष्टया गृह कलह की बात सामने आ रही है।
यमुना नदी में छलांग लगाने वाले शैलेंद्र के छोटे पुत्र कपिल ने बताया कि उसके पिता सुबह नौ बजे घर से साइकिल लेकर मोहल्ला बघाकटरा निवासी एक परिचित बंटी गुप्ता के साथ घर से गए थे। उसके पिता के यमुना नदी में कूदने की सूचना भी बंटी ने ही फोन से घर पर दी थी।
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गृह कलह से तंग आकर यमुना नदी में छलांग लगाने वाले शैलेंद्र के पांच पुत्रियां व दो पुत्र हैं। इनमें से चार पुत्रियों पूजा, प्रियंका, सीता व लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। जबकि राधा (15) के अलावा पुत्र शिवम हलवाई का काम करता है व कपिल अभी इंटर की पढ़ाई कर रहा है। कारीगर बाजार में सराफा व्यवसाइयों की दुकानों पर कारीगरी का काम करता है।

Bullion artisan made a leap into the river Yamuna,- फोटो : AURAIYA

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