औरैया। दिबियापुर नहर बाजार में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध तरह से बने मकानों को 25 नवंबर को गिराने की शुरू की गई तैयारी एक बार फिर से ठंडे बस्ते में जाएगी। हवा में धूल व प्रदूषण बढ़ने की संभावना को देखते हुए फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई को रोक लिया गया है।
नगर पंचायत दिबियापुर में सिंचाई विभाग की स्वामित्व वाली दिबियापुर नहर बाजार से सटी जमीन को लेकर कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिकाओं के बाद जारी हुए निर्देशों के तहत 13 व 14 जुलाई को 45 अवैध मकानों व दुकानों को ढहाया गया था। सालों से सिंचाई विभाग की जमीन पर काबिज लोगों के मकानों पर बुलडोजर चला था। वहीं सिंचाई विभाग की ओर से दूसरे चरण में 58 मकानों व दुकानों पर नोटिस चस्पा कराते हुए 14 सितंबर को बुलडोजर से तोड़े जाने की तैयारी बनाई गई थी। इसी बीच कुछ कब्जेदार उच्च न्यायालय में जा पहुंचे।
कोर्ट के दखल के बाद बुलडोजर की कार्रवाई को रोक लिया गया। 25 नवंबर को बुलडोजर से अवैध मकान व दुकानों को ढहाने की तैयारी बनाई गई। मामले में जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग ने पत्राचार भी किए, लेकिन अब यह तैयारी एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के निर्देशों के आगे धरी रह गई है।
वर्तमान में पराली जलने की घटनाओं, हवा में धुंध व धूल के साथ ही वायु की गुणवत्ता में एक्यूआई बढ़ा हुआ है। ऐसे में मकानों को गिराने से धूल व प्रदूषण बढ़ने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने अवैध निर्माण ढहाने से फिलहाल किनारा कर लिया है। फिलहाल दिबियापुर नहर बाजार में सिंचाई विभाग की जमीन पर बने अवैध मकानों पर बुलडोजर नहीं चलेगा।
25 नवंबर को दिबियापुर नहर बाजार में सिंचाई विभाग की जमीन पर बने अवैध मकानों को गिराने की तैयारी बनी थी। लेकिन एनजीटी के मानकों को देखते हुए फिलहाल जगह खाली नहीं कराई जा सकती है। हवा में धूल के कण बढ़ने से प्रदूषण का लेवल बढ़ सकता है। - महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व