औरैया। विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा व लेआउट के प्लाॅटिंग अब ध्वस्तीकरण के दायरे में आ गई हैं। सदर तहसील प्रशासन का रुख इस कार्रवाई को लेकर सख्त है।
ऐसे में अवैध प्लाॅटिंग करने वाले बिल्डर अब ककोर मुख्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने लगे हैं। इधर-उधर सिफारिशें भी कराई जा रही हैं।
पिछले दिनों तहसील प्रशासन की ओर से विनियमित क्षेत्र की 17 अवैध प्लाॅटिंग पर नोटिस चस्पा कराए गए थे। प्लॉट काटने वाले बिल्डरों को 15 दिन का समय भी दिया गया था। अंतिम डेडलाइन पूरी हो जाने के बाद अब इन अवैध प्लाॅटिंग पर तहसील प्रशासन का बुलडोजर चलने वाला है। इसके लिए अंतिम चेतावनी नोटिस भी इन प्लाॅटिंग पर चस्पा करा दिए गए हैं। बावजूद अभी तक नक्शा व लेआउट को लेकर बिल्डरों की ओर से जरूरी कागजी कवायद पूरी नहीं की जा सकी है।
सरकारी खजाने में शुल्क जमा करने के बजाय बिल्डर इधर-उधर से जुगाड़ लगाने में जुटे हैं। इसमें सफेदपोशों से भी गुहार लगाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्लाॅटिंग कारोबारियों का नेतृत्व भी एक सफेदपोश कर रहा है। जो जनप्रतिनिधियों से तालमेल बैठकर तहसील प्रशासन की पेशबंदी में जुटा है।
अब इस कड़ी में ककोर मुख्यालय के अधिकारियों से भी प्लाॅटिंग करने वाले बिल्डर गुहार लगाने पहुंच रहे हैं। ककोर मुख्यालय के अधिकारी भी शासन स्तर से हो रही मॉनीटरिंग का हवाला देकर मामले से किनारा कर रहे हैं।
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अवैध प्लाॅटिंग चिह्नित है। अंतिम चेतावनी नोटिस चस्पा हो चुके हैं। विनियमित मानकों को पूरा न करने वाली प्लाॅटिंग को ध्वस्त कराया जाएगा।-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर