एसडीओ और कर्मचारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते बीएसएनएल कार्यालय लड़ाई का मैदान बन गया है। मंगलवार को मामला कोतवाली पहुंच गया। इसके चलते बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन, नेशनल फेडरेशन ऑफ टेलीफोन इम्पलाई यूनियन के कर्मचारियाें ने एसडीओ की अभद्रता से आक्रोशित होकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने इस बावत उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर 15 जनवरी तक एसडीओ को हटाए जाने की मांग की है।
भारत संचार निगम के केंद्र पर एसडीओ मंसूर आलम व कर्मचारी एसएन मिश्रा के बीच मंगलवार को उच्चाधिकारियों को भेजे गए शिकायती पत्र को लेकर काफी गहमा-गहमी हो गई। इस पर एसडीओ की ओर से कोतवाली पुलिस को फोन कर उक्त कर्मचारियों की शिकायती दर्ज कराई गई।
जिस पर मौके पर पहुंचे चीता मोबाइल के सिपाहियों ने बीएसएनएल इंप्लाईज यूनियन के जिला सचिव एसएन मिश्रा को कोतवाली पहुंचा दिया। खबर लगते ही कर्मचारी कोतवाली पहुंचे। जहां पर मामले की हकीकत जानने के बाद एसएन मिश्रा को छोड़ दिया गया।
कर्मचारी नेता को बेवजह फंसाए जाने के खिलाफ बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन, नेशनल फेडरेशन ऑफ टेलीफोन इम्पलाई यूनियन के कर्मचारियाें ने बीएसएनल केंद्र पर जमा होकर एसडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बीएसएनल कर्मचारी एसएन मिश्रा ने बताया कि उनके माध्यम से एसडीओ की भ्रष्टाचार युक्त कारगुजारी के खिलाफ उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराए जाने की मांग की थी।
इस पर एसडीओ मंसूर आलम ने मंगलवार को कुछ कर्मचारियों से अभद्रता की। वहीं एसडीओ मंसूर आलम ने बताया कि कर्मचारी काम नहीं करते हैं। जब उनसे काम करने को कहा गया तो वह अनाप-शनाप बकने लगे। जिस पर पुलिस को फोन करके बुलवाया गया। वहीं एनएफटीईयू के जिलाध्यक्ष कमलेश नारायण दुबे ने कहा कि एसडीओ मंसूर आलम हमेशा कर्मचारियाें के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार करते हैं।
उन्होंने बताया कि यूनियन की ओर से उच्चाधिकारियों को उनकी कार्यशैली से अवगत कराते हुए 15 जनवरी तक हटाए जाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि यदि उनकी मांग पूरी न की गई तो इसके खिलाफ आगे आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान बीएसएनएल कर्मचारी गजेंद्र सिंह यादव, राजेश्वर आर्या, आरपी त्यागी, संतोष दुबे, रमेश शुक्ला, एनके सिंह, राजेंद्र यादव, श्रीकांत शुक्ला, हलीम खान, नाथूराम, संत कुमार, विनय तिवारी, रंजीत सिंह गौर आदि लोगों ने एसडीओ की कार्यशैली से खफा होकर आक्रोश व्यक्त किया।