दिबियापुर (औरैया)। पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी बीएसएफ कर्मी और फर्जी खबर चलाने वाले अज्ञात पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे पाए गए। बीएसएफ कर्मी पंजाब के जलालाबाद में 158 बटालियन में तैनात है।
एसपी के निर्देश पर उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। दी गई तहरीर में बताया कि बीती 31 मई को अपराह्न करीब दो बजे दिबियापुर थाने के सीयूजी नंबर पर ग्राम कल्यानपुर ऐरवाकटरा निवासी अभिषेक उर्फ शिवम ने सूचना दी कि उसकी बहन पूजा सिंह के साथ उसका पति बीएसएफ कर्मी गिरेंद्र सिंह घर पर मारपीट कर रहा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने सिपाहियों को मौके पर भेजा। पुलिस को देखकर गिरेंद्र सिंह चिल्लाते हुए खुद थाने पहुंच गया। कुछ देर बाद पत्नी पूजा भी थाने पहुंची। बताया कि उसका पति शराब पीकर अक्सर मारपीट करता है। बाद में पति-पत्नी में समझौता हो गया और पूजा कार्रवाई न करने का प्रार्थनापत्र देकर पति के साथ घर चली गई।
थाने से निकलने के बाद गिरेंद्र ने रास्ते में फिर झगड़ा किया। पुलिस को फंसाने और उसकी छवि धूमिल करने की नीयत से गिरेंद्र ने अपने सिर पर खुद चोट मारकर खून निकाल लिया। इसके बाद उसने सीएचसी जाकर अपनी डॉक्टरी भी करा ली और पुलिस पर मारपीट का झूठा आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने थाने और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों से साफ हुआ कि गिरेंद्र थाने से बिल्कुल सही-सलामत बाहर निकला था।