सोने की पालिश के ब्रिटिशकालीन सिक्के।
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धनतेरस और दीवाली के दिन सोने व चांदी की खरीद को लोग शुभ मानते हैं। सोने व चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए लोग इसमें पैसा लगाते हैं। दीवाली के दिनों में ब्रिटिशकालीन सिक्कों की डिमांड अधिक होती है। इसको देखते हुए सर्राफा बाजार में ब्रिटिशकालीन नकली सिक्क ों की भरमार है। सर्राफ इन्हीं सिक्काें को बेच रहे हैं।
दीवाली पर ब्रिटिशकालीन सिक्कों की मांग बढ़ जाती है। ग्राहक उस दौर के राजाओं के चित्रों को देखकर इन सिक्कों की खरीद करते हैं। ऐसे में ग्राहकों के पास पुराने सिक्कों की जगह नए सिक्के भी पहुंच सकते हैं। जानकारों की मानें तो पुराने सिक्के की मांग पर नए सिक्के की बिक्री गैरकानूनी है। असली ब्रिटिशकालीन सिक्कों का वजन 11.64 ग्राम से अधिक नहीं होता है। बाजार में इन दिनों सोने की पालिश के चमकदार चांदी के सिक्के भी चलन में हैं। यह सिक्के 10 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम में उपलब्ध हैं।