अछल्दा (औरैया)। रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण प्रस्तावित है। ओवरब्रिज निर्माण के बाद अछल्दा रेलवे क्रासिंग पूरी तरह बंद करने की बात सामने आ रही है। इससे यहां के बाशिंदों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि यह क्रासिंग बंद हुई तो अछल्दा दो हिस्सों में बंट जाएगा।
व्यापार प्रभावित होने के साथ लोगों को जरूरी काम के लिए लंबा चक्कर लगाकर आना जाना पड़ेगा। ऐसे में क्रासिंग बंद न की जाए। बहरहाल अभी क्रासिंग बंद करने को लेकर लेखपाल व नायब तहसीलदार कस्बे के लोगों से राय ले रहे हैं।
अछल्दा रेलवे क्रासिंग (गेट 13 बी) पर ओवरब्रिज थना पुरवा से इनायतपुर तक बनाया जाना प्रस्तावित है। इसका निर्माण कभी भी शुरू हो सकता है। इस ओवरब्रिज के निर्माण के बाद अछल्दा रेलवे क्रासिंग को पूर्ण रूप से बंद किया जाना है। शनिवार को लेखपाल अंकित तिवारी व नायब तहसीलदार अभिनव वर्मा ने कस्बे में पहुंचकर लोगों की राय जानी। इस दौरान लोगों ने क्रासिंग बंद न करने की मांग की है।
लोगों ने बताया है कि क्रासिंग बंद होने से अछल्दा क्षेत्र दो हिस्सों में बंट जाएगा। इसका व्यापार पर असर पड़ेगा। अस्पताल, थाना, सब्जी मंडी, मंडी समिति, बैंक, नगरपंचायत, बस स्टॉप जैसी आवश्यक सुविधाएं रेलवे क्रासिंग सराय बाजार की तरफ स्थित है। रेलवे क्रासिंग हरीगंज बाजार के लोगों को इन सभी सुविधाओं का लाभ रेलवे क्रासिंग पार करके ही मिलता है। क्रासिंग बंद होने के बाद इन सारी सुविधाओं के लिए लोगों को चक्कर लगाने पड़ेंगे।
वहीं, इस संबंध में लेखपाल अंकित तिवारी का कहना है कि रेलवे क्रासिंग बंद की जानी है। इसकी रायशुमारी ली जा रही है। व्यापारियों की बात कर शासन को भेजी जाएगी।
व्यापारी मनोज यादव का कहना है कि अगर क्रासिंग बंद हुई तो लोगों को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। दिव्यांगों को ज्यादा परेशानी होगी।
आढ़ती ब्रजेश दीक्षित का कहना है कि नेविलगंज में मंडी समिति हुई है। क्रासिंग बंद हुई तो फसल को मंडी समिति तक ले जाने में समस्या होगी।
पेशे से शिक्षक शिववीर यादव ने कहा कि क्रासिंग बंद होने से विद्यालय के बच्चों को आने-जाने में परेशानी होगी। छात्रों को रोजाना लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा।