औरैया। मेडिकल कॉलेज में अस्पताल प्रबंधन और रोगी सेवा को बेहतर बनाने के लिए स्टाफ की ड्यूटी पर सख्ती बढ़ा दी गई है।
सीएमएस कार्यालय की तरफ से जारी आदेश के जरिए अब बायोमीट्रिक और रजिस्टर दोनों हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। इस हाजिरी के मिलान के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा। किसी तरह की खामी होने पर वेतन भी रोका जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक, इमरजेंसी विभाग, एमसीएच विंग, जनरल वार्ड, एसएनसीयू, एनआरसी और ओटी समेत सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए अब दोहरी हाजिरी व्यवस्था लागू होगी। वेतन आहरण के लिए विभागाध्यक्ष द्वारा प्रमाणित हाजिरी रजिस्टर और बायोमीट्रिक मशीन की हाजिरी दोनों को अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा छुट्टी की प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया गया है। किसी भी कर्मचारी को अवकाश के लिए सबसे पहले अपने विभागाध्यक्ष से स्वीकृति लेनी होगी। इसके बाद मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। उसकी कॉपी अटैच करके सीएमएस कार्यालय में जमा करनी होगी।
पोर्टल पर आवेदन के बिना छुट्टी मान्य नहीं होगी और उसे अनुपस्थित माना जाएगा। तकनीकी समस्या या फिंगरप्रिंट न आने पर कर्मचारी समाधान के लिए सीएमएस कार्यालय से संपर्क करना होगा।
डीएम के निरीक्षण के बाद बदले नियम
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभा रहे मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा पिछले दिनों डीएम बृजेश कुमार ने लिया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दो कर्मी बिना सूचना के नदारद मिले थे। अफसर भी इसकी वजह स्पष्ट नहीं कर पाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों कर्मियों को नोटिस जारी किए गए थे। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब ड्यूटी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है।
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मरीजों को समय से पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, स्टाफ की ओर से किसी तरह से लापरवाही न बरती जाए। इसे लेकर ड्यूटी को लेकर नई व्यवस्था अपनाई गई है। इसका अब पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज