औरैया। ठंड बढ़ते ही कूल्हे, घुटनों और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ने लगी है। खासकर ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का क्षरण) से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन 15 से 20 मरीज सिर्फ हड्डियों के दर्द और जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश बुजुर्ग, महिलाएं और लंबे समय से दवाएं लेने वाले मरीज शामिल हैं।
जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण मरीजों को मजबूरी में मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई मरीज सुबह जिला अस्पताल पहुंचते हैं, वहां से रेफर होने के बाद मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ती है। चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, इससे जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित मरीजों की हड्डियां पहले से कमजोर होती हैं, ऐसे में ठंड उनका दर्द और बढ़ा देती है।
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. माया शंकर का कहना है कि 45 वर्ष के बाद महिलाओं में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ती है। इसके चलते हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। गिरने से भी फ्रैक्चर का खतरा रहता है।