फफूंद। थाना क्षेत्र के गांव भूरेपुर निवासी एक दिव्यांग मुरादगंज रोड स्थित एक ईंट भट्टे से नौ दिन पहले लापता हो गया था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन पता नहीं चला था। नौवें दिन शनिवार तड़के दिव्यांग का शव सेंगर नदी में उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
फफूंद थाना क्षेत्र के गांव भूरेपुर निवासी कैलाश उर्फ भूरे कठेरिया क्षेत्र के मुरादगंज रोड स्थित नगला पाठक में एक ईंट भट्टे पर परिवार के साथ मजदूरी करते हैं। नौ जनवरी को उसका 20 वर्षीय इकलौता दिव्यांग पुत्र प्रमोद कुमार अचानक लापता हो गया। तलाश के बाद भी प्रमोद का कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने 13 जनवरी को फफूंद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार सुबह थाना क्षेत्र देवरपुर पंचायत के गांव केशमपुर खाम के पास सेंगर नदी में एक युवक का शव किनारे फंसा देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया।
इसी बीच जानकारी पर ग्राम प्रधान विल्सन यादव के साथ परिजन भी वहां पहुंच गए। शव देख परिजन बिलख पड़े। मृतक अपनी सात बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी अचानक मौत से मां रीमा और बहनों सोनी, मोनी, लक्ष्मी, मोनिका, आशिकी, कुशी और लल्ली का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी थानाध्यक्ष संदीप जादौन ने बताया कि युवक मंदबुद्धि और दिव्यांग था। उसकी गुमशुदगी दर्ज है। नदी किनारे शव मिला है। पोस्टमार्टम कराया गया है।