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सात साल से बंद ब्लड बैंक की मशीनें हुर्इं खराब

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फोटो 10एयूआरपी01- इन्हीं फ्रीजर में ब्लड को संरक्षित किया जाता है। - फोटो : AURAIYA
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औरैया। सात साल से बंद पड़े ब्लड बैंक के खुलने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए बंद पड़ी मशीनों को रिपेयर करने का काम भी शुरू हो चुका है। कंपनी से आए इंजीनियर ने मशीनों को चेक किया और बताया कि काम न लिए जाने की वजह से बंद पड़ी मशीनों के कई पुर्जे खराब हो चुके हैं जिन्हें बदले जाने की जरूरत है।
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पैथोलॉजिस्ट न होने से सात साल से ब्लड बैंक बंद पड़ा है। अमर उजाला ब्लड बैंक के संचालन के लिए लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। गुरुवार को मंडलायुक्त ने ब्लड बैंक को शुरू करने की बात कही थी। ब्लड बैंक की शुरुआत 50 शैय्यायुक्त जिला अस्पताल में वर्ष 2011 में हुई थी। पैथोलॉजिस्ट के पद पर तैनात डॉ. सुधीर कुमार का पांच जून 2013 को स्थानांतरण हो गया और दूसरे पैथोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से ब्लड बैंक को बंद करना पड़ा। इस समय में बैंक में जमा किया गया पांच यूनिट ब्लड सैफई भेज दिया गया। कई प्रयास होने के बाद भी बैंक चालू नहीं हो सका और लाइसेंस भी स्थगित हो गया। बता दें इससे पहले ब्लड बैंक बंद होने के कारण लोगों को आवश्यकता पड़ने पर दूसरे जिलों की ओर रुख करना मजबूरी हो गई थी। इससे कई मरीजों की रास्ते में ही मौत हो चुकी है। रक्तदान शिविर न लग पाने के कारण लोग अन्य जनपदों में जाकर रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक खुलने से लोगों को सुविधाएं मुहैया होने लगेगीं।
ब्लैड बैंक में लगी ब्लड सेंटीफ्यूज, ब्लैड मिक्सर, इलाइजा, कटर, व्यू बाक्स, ओवन, बीपी इंस्टूमेंट जैसी मशीनों के कई कलपुर्जे खराब हो चुके हैं। जिन्हें इंजीनियर ने चेक कर बदलने की जरूरत बताई है। इनकी सूची बनाकर शासन को भेजी गई है, जिन्हें जल्द ही बदल दिया जाएगा। साथ ही ब्लड बैंक को शुरू करने के लिए कई मशीनों की कमी है, जो नए आने वाले पैथोलॉजिस्ट के द्वारा सूची तैयार कर उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
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ब्लड बैंक की होने लगी सफाई
शनिवार को ब्लड बैंक की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। सफाई कर्मचारी सर्वेश और अमन ने रूम का ताला खोलकर सालों से बंद मशीनों पर पड़ी धूल साफ की। इससे लोगों की एक बार फिर से आस जाग गई है। वहीं, जल्द ही एल-1 लेवल के एक डॉक्टर की भी तैनाती की भी चर्चा है।
जिम्मेदार बोले
सात साल से ब्लड बैंक बंद होने के कारण कई मशीनों के पुर्जे खराब हो गए हैं। जिन्हें इंजीनियर ने चेक कर बदलने की जरूरत बताई है। सूची तैयार कर जल्द ही उन्हें बदल दिया जाएगा। साथ ही नए पैथोलॉजिस्ट के आने पर कम पड़ने वाली मशीनों को भी मंगवाया जाएगा। - डॉ. लाखन सिंह, सीएमएस
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